18 साल बाद भी नहीं मिली सुविधाएं, जेआईटी रकम ब्याज सहित लौटाएं – Jalandhar News
भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर जिला उपभोक्ता शिकायत निवारन कमिशन ने इंद्रा पुरम (मास्टर गुरबंता सिंह एन्क्लेव) स्कीम के एक फ्लैट अलॉटी की शिकायत पर जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को जमा राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए। कमिशन ने माना कि फ्लैट में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गईं और शिकायतकर्ता को लंबे समय तक परेशान होना पड़ा। अवतार नगर निवासी विजय बेरी ने कमिशन में दायर शिकायत में बताया कि उन्होंने 24 अगस्त 2008 की लकी ड्रा प्रक्रिया में विकास योजना के तहत एलआईजी फ्लैट नंबर 74-ए, ग्राउंड फ्लोर, ब्लॉक-ए आवंटित किया गया। फ्लैट के लिए 18 हजार अर्नेस्ट मनी जमा करवाई गई और बाद में किश्तों के माध्यम से कुल 4 लाख 21 हजार 119 रुपए जमा करवाए। आरोप लगाया गया कि जब अलॉटियों को कब्जा देने के लिए मौके पर बुलाया गया तो वहां निर्माण सामग्री और फिटिंग्स मानकों के अनुरूप नहीं थीं। इसके अलावा बिजली, पानी, सीवरेज और उचित अप्रोच रोड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। सीवरेज पाइपलाइनें जुड़ी नहीं थीं, बिजली सप्लाई उपलब्ध नहीं थी और अप्रोच रोड भी पर्याप्त नहीं थी। आरोप यह भी लगाया गया कि बिजली सप्लाई शुरू करवाने के लिए पीएसपीसीएल ने जेआईटी से 10 लाख 78 हजार 711 रुपए मांगे थे, जो ट्रस्ट ने करीब तीन साल बाद 6 अगस्त 2012 को जमा करवाए। इसके बाद बिजली लाइनें, पोल और ट्रांसफार्मर लगाए गए। मामले में इंद्रा पुरम फ्लैट ओनर्स वेलफेयर एंड डेवलपमेंट सोसायटी की ओर से लिखे गए पत्र, फोटोग्राफ्स, वैल्यूअर रिपोर्ट और समाचार कटिंग्स भी रिकॉर्ड पर पेश किए गए। आयोग ने पाया कि जेआईट यह साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका कि फ्लैट और पूरी स्कीम सभी सुविधाओं सहित पूरी तरह तैयार थी। कमिशन अध्यक्ष डॉ. हरवीन भारद्वाज व सदस्यों में ज्योत्सना और जसवंत सिंह ढिल्लों ने शिकायत आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए जेआईटी को आदेश दिए कि शिकायतकर्ता द्वारा जमा करवाई गई राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाई जाए। साथ ही मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के लिए 30 हजार मुआवजा व 10 हजार मुकदमेबाजी खर्च भी अदा किए जाएं।
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