जालंधर से आज नहीं चलेंगे सरकारी बसें: कच्चे ड्राइवर-कंडक्टर हड़ताल पर, पनबस में प्राइवेट वॉल्वो डालने से भड़के, अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान – Jalandhar News

जालंधर से आज नहीं चलेंगे सरकारी बसें:  कच्चे ड्राइवर-कंडक्टर हड़ताल पर, पनबस में प्राइवेट वॉल्वो डालने से भड़के, अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान – Jalandhar News




जालंधर में पनबस और रोडवेज के डिपो-1 और 2 से आज (10 जून) बसें नहीं चलेंगी। प्राइवेट प्लेयर को पनबस की किलोमीटर स्कीम में उतारने के विरोध में ड्राइवर-कंडक्टर काम छोड़ अपने-अपने डिपो पर धरना देंगे। इस दौरान कच्चे मुलाजिम सरकार के फैसले का विरोध करेंगे।
कच्चे कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया गया है। पहले ये हड़ताल 22 से 24 जून तक होने थी लेकिन मंगलवार को चंडीगढ़ में पनबस में किलोमीटर स्कीम की वॉल्वो को हरि झंडी दिखाने से मुलाजिम भड़क गए और पहले हड़ताल पर उतर गए। पीआरटीसी के कच्चे मुलाजिम भी दोपहर 12 बजे से इस हड़ताल में शामिल होने जा रहे हैं। कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है। उन्होंने ऐलान किया है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आने वाली 11 जून को मुख्यमंत्री आवास (सीएम कोठी) का घेराव किया जाएगा। डिपो-1 प्रधान बोले-एक साल से मांगों को लेकर बात कर रहे
जालंधर के पीआरटीसी डिपो-1 के प्रधा विक्रमजीत सिंह ने कहा कि कच्चे कर्मचारी पिछले 1 साल से अपनी जायज मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार से गुहार लगा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार की तरफ से केवल खोखले आश्वासन ही मिल रहे हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में किलोमीटर स्कीम बसों का विरोध, कच्चे मुलाजिमों को तुरंत पक्का करना और सस्पेंड या नौकरी से निकाले गए कर्मियों की बहाली शामिल है। लंबे समय से लंबित इन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण आखिरकार कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने का कड़ा फैसला लेना पड़ा। प्राइवेट बसों को सरकारी में लाकर प्रोमोट कर रही सरकार
विक्रम सिंह ने बताया कि वित्त मंत्री ने कर्मचारियों के विरोध के बावजूद 9 जून को चंडीगढ़ से किलोमीटर स्कीम में डाली गई वाल्वो बसों को झंडी दिखाई। पंजाब रोडवेज के इतिहास में कभी भी पनबस में किलोमीटर स्कीम की बस नहीं लाई गई। बादल सरकार में भी इसका विरोध हुआ था और तब इस स्कीम को रद्द कर दिया गया था। वित्त मंत्री सरकारी लुक वाली प्राइवेट प्लेयर की बसों को घुसा रहे हैं। सरकार के इसी कदम ने आग में घी डालने का काम किया है। कर्मचारियों का कहना है कि वित्त मंत्री अगर प्राइवेट मालिकों की बसों को प्रमोट करने और उन्हें हरी झंडी देने की जगह, सरकारी बेड़े में नई बसों को शामिल करने का ऐलान करते, तो इस हड़ताल को टाला जा सकता था। यात्रियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, आंदोलन होगा तेज
कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि उनकी यह हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगी और इसके लिए उन्होंने पहले ही विभाग को लिखित नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। बुधवार दोपहर 12 बजे से पीआरटीसी के संविदा कर्मचारी भी पूरी तरह से काम बंद कर देंगे। 2 प्रमुख परिवहन संगठनों के एक साथ आने से पंजाब भर में आम जनता और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।



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