लुधियाना में मानसून को लेकर प्रशासन अलर्ट: 15 जून से 30 सितंबर तक 24×7 एक्टिव रहेंगे बाढ़ कंट्रोल रूम; डीसी ने दिए सख्त निर्देश – Ludhiana News

लुधियाना में मानसून को लेकर प्रशासन अलर्ट:  15 जून से 30 सितंबर तक 24×7 एक्टिव रहेंगे बाढ़ कंट्रोल रूम; डीसी ने दिए सख्त निर्देश – Ludhiana News



अधिकारियों के साथ बैठक करते डीसी हिमांशु जैन।

पंजाब में मानसून की दस्तक से पहले ही लुधियाना जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ और जलभराव जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए अपनी कमर कस ली है। डिप्टी कमिश्नर (डीसी) हिमांशु जैन ने मंगलवार को कहा कि सब-डिविजनों में 24 घंटे और सातों दिन (24×7) काम करने व

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ये हाई-टेक कंट्रोल रूम 15 जून से लेकर 30 सितंबर तक पूरी तरह से एक्टिव मोड में रहेंगे, ताकि मॉनसून सीजन के दौरान किसी भी तरह की बाढ़ जैसी स्थिति पर पैनी नजर रखी जा सके और तुरंत एक्शन लिया जा सके।

वरिष्ठ अधिकारियों की रहेगी निगरानी, डयूटी रोस्टर तैयार

डीसी हिमांशु जैन ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ से जुड़ी किसी भी तरह की इमरजेंसी के दौरान तुरंत रिस्पॉन्स सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों का डयूटी रोस्टर (Duty Roster) पहले ही तैयार कर लिया गया है। किसी भी स्तर पर लापरवाही की कोई गुंजाइश न रहे।

इसके लिए अधिकारियों को रोटेशन के आधार पर इन कंट्रोल रूम्स की सुपरविजन (निगरानी) का जिम्मा सौंपा गया है। दिन हो या रात, आम जनता किसी भी समय इन नंबरों पर कॉल करके शिकायत या सूचना दर्ज करा सकेगी।

जीरो डिले’ एक्शन के निर्देश, जान-माल की सुरक्षा प्राथमिकता

प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी देते हुए डीसी ने बताया कि इन कंट्रोल रूम का मुख्य उद्देश्य बाढ़, तटबंधों (embankments) के टूटने या जलभराव से जुड़ी किसी भी तरह की सूचना को तुरंत प्राप्त करना और बिना समय गंवाए संबंधित विभागों तक पहुंचाना है।

उन्होंने सभी विभागों को सख्त हिदायत दी है कि पब्लिक या फील्ड स्टाफ से मिलने वाली किसी भी सूचना पर तुरंत ‘जीरो डिले’ के साथ एक्शन लिया जाए। जान-माल का नुकसान कम से कम हो, इसके लिए सभी विभागों को आपसी तालमेल (कोऑर्डिनेशन) बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

संवेदनशील इलाकों में तटबंधों को मजबूत करने का काम तेज

बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों में चल रहे बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए डीसी जैन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदियों और नहरों के तटबंधों को मजबूत करने और बाढ़ बचाव से जुड़े अन्य बुनियादी ढांचे के काम में तुरंत तेजी लाई जाए और उन्हें समय रहते पूरा किया जाए। उन्होंने साफ किया कि बारिश के मौसम में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद और अलर्ट पर है।

आपातकालीन योजना तैयार

प्रशासन की ओर से संभावित बाढ़ से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सभी संबंधित विभागों ने अपना-अपना कंटीजेंसी प्लान तैयार कर लिया है और उन्हें जरूरी संसाधनों से लैस किया गया है ताकि किसी भी चुनौती का डटकर सामना किया जा सके। डीसी ने जिले के निवासियों से भी अपील की है कि वे बाढ़ से जुड़ी किसी भी घटना की जानकारी तुरंत इन हेल्पलाइन नंबरों पर दें और मॉनसून के दौरान अपनी सुरक्षा के लिए प्रशासनिक अधिकारियों का पूरा सहयोग करें।

जरूरत पड़ने पर यहां करें कॉल बाढ़-जलभराव या इमरजेंसी में जिले के निवासी नीचे दिए गए कंट्रोल रूम नंबरों पर सीधा संपर्क कर सकते हैं:

जिला बाढ़ कंट्रोल रूम, लुधियाना | 0161-2433100 -लुधियाना (ईस्ट) | 0161-2922330 | -लुधियाना (वेस्ट) | 0161-2412555 | -जगराओं | 01624-223256 | – खन्ना | 01628-226091 | -समराला | 01628-262354 | -पायल | 01628-276892 | -रायकोट | 01624-264350 |



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