पंजाबी गायक आर नैट के गाने का विवाद: हिंदू धार्मिक प्रतीकों के अपमान का आरोप,शिवसेना लायन ने जालंधर पुलिस कमिश्नर से की कानूनी कार्रवाई की मांग – Jalandhar News
पंजाब के मशहूर गायक आर. नैट एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। इस बार उन पर अपने नए गाने और वीडियो के जरिए हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गंभीर ठेस पहुंचाने का आरोप लगा है। इस मामले को लेकर ‘शिवसेना लायन’ के राष्ट्रीय चेयरमैन सुनील कुमार बंटी ने जालंधर के पुलिस कमिश्नर को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
सनातनी आस्था के प्रतीकों का घोर अनादर शिकायतकर्ता सुनील कुमार बंटी ने पुलिस प्रशासन को दिए पत्र में कहा है कि इस विवादित गाने और उसकी वीडियो में सनातनी आस्था के परम पवित्र प्रतीकों का घोर अनादर किया गया है। वीडियो में भगवा वस्त्र, भगवान शिव जी की अत्यंत पवित्र रुद्राक्ष माला, भगवान शनिदेव जी के स्वरूप और त्रिकाल पूजा के प्रतीक पवित्र धूने को बेहद अवांछनीय, अशोभनीय और अपमानजनक तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे पूरे हिंदू समाज में भारी रोष व्याप्त है। शिकायत में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि भगवा वस्त्र सनातन धर्म में त्याग, तपस्या, वैराग्य और संत परंपरा की पवित्रता का सर्वोच्च प्रतीक माना जाता है। इसी प्रकार, भगवान शिव की रुद्राक्ष माला और भगवान शनिदेव का स्वरूप करोड़ों भक्तों की अटूट आस्था और अटूट विश्वास का केंद्र हैं। इन पवित्र धार्मिक चिह्नों को किसी भी व्यावसायिक या मनोरंजन के माध्यम में हल्के या अपमानजनक रूप में दिखाना सीधे तौर पर धार्मिक मान्यताओं पर गहरी चोट है।
शिवसेना लायन की मांग गहराई से हो जांच शिवसेना लायन के चेयरमैन ने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि इस मामले की गहराई से जांच की जाए। उन्होंने केवल गायक आर. नैट ही नहीं, बल्कि इस गाने के लेखक, निर्देशक (डायरेक्टर), निर्माता (प्रड्यूसर), वीडियो में अभिनय करने वाली मुख्य अभिनेत्री/मॉडल, कैमरामैन और इस गाने के प्रचार-प्रसार तथा डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े हर एक जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
गाने को वीडियों को सोशल मीडिया से हटाया जाए इसके साथ ही, शिकायतकर्ता ने पुलिस और साइबर सेल प्रशासन से यह भी पुरजोर अपील की है कि इस विवादित गाने और वीडियो को यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक सहित तमाम सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से तुरंत डिलीट करवाया जाए। उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि यदि ऐसे कृत्यों पर समय रहते लगाम नहीं लगाई गई, तो इससे समाज में धार्मिक तनाव पैदा हो सकता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। भविष्य में कोई भी धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ न कर सके, इसके लिए सख्त मिसाल कायम करना जरूरी है।
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