जालंधर में आंगनबाड़ी केंद्र पर विवाद: कांग्रेस विधायक के करीबियों पर सीएम भगवंत मान के पोस्टर फाड़ने और महिलाओं को जातिसूचक धमकियां देने का आरोप – Jalandhar News
जालंधर के गांव संगवाल में पंजाब सरकार की ‘मां-बेटी स्कीम सत्कार योजना’ के तहत चल रहे एक आंगनबाड़ी केंद्र को बंद कराने और दूसरी जगह शिफ्ट करने को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि आदमपुर से कांग्रेस विधायक सुखविंदर कोटली के करीबियों द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है और धमकियां दी जा रही हैं। आरोपियों ने केंद्र की दीवारों पर किए गए नए रंगों को मिटा दिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान के पोस्टर भी फाड़ दिए। इस मामले में पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) तो दर्ज की है, लेकिन पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है, जिसके चलते वे न्याय के लिए दोबारा प्रशासन के पास पहुंचे हैं। जालंधर के हलका आदमपुर और थाना करतारपुर के अंतर्गत आने वाले गांव संगवाल में पिछले 21 सालों से एक आंगनबाड़ी केंद्र चलाया जा रहा है। यह केंद्र ‘लाल लकीर’ की जमीन पर स्थित है। हाल ही में पंजाब सरकार की ‘मां-बेटी स्कीम सत्कार योजना’ के तहत इस केंद्र का सौंदर्यीकरण और रंग-रोगन शुरू किया गया था, जिसका दूसरे पक्ष द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है।
कुछ शरारती तत्वों ने आंगनबाड़ी केंद्र में घुसकर फाड़े पोस्टर मामले की जानकारी देते हुए गांव संगवाल के निवासी जसप्रीत सिंह ने बताया कि कुछ शरारती तत्वों ने आंगनबाड़ी केंद्र में घुसकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के पोस्टर फाड़ दिए। विरोधियों ने केंद्र की दीवारों पर किए गए नए रंगों को भी जबरन हटा दिया। इस घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों (ADC) को शिकायत दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने औपचारिकता के तौर पर एक मामूली एफआईआर दर्ज की है।
कांग्रेस पार्टी से जुड़े लोगों पर लगे आरोप जसप्रीत सिंह का आरोप है कि इस पूरी घटना को अंजाम देने वाले लोग कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने मुख्य रूप से कनाडा निवासी दातार सिंह और नंबरदार जोरावर सिंह का नाम लिया है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, ये दोनों आरोपी आदमपुर से कांग्रेस के विधायक सुखविंदर कोटली के बेहद करीबी हैं। इसी राजनीतिक रसूख के कारण करतारपुर थाना पुलिस इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। आंगनबाड़ी केंद्र को हटाने की मांग का विरोध करते हुए जसप्रीत ने कहा कि केंद्र को गांव से बाहर ले जाने से छोटे बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर बेहद बुरा असर पड़ेगा। आरोप है कि जमीन को बेचने के लालच में कांग्रेस से जुड़े ये रसूखदार लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे को नेता पवन टीनू द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान के समक्ष भी उठाया गया है।
दातार सिंह ने लगे फोन पर धमकी देने के आरोप वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ी महिलाओं ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि आरोपी दातार सिंह ने फोन पर धमकी दी है कि वे आंगनबाड़ी वर्कर को गांव से दूर भगा देंगे। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें और उनकी वर्कर को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। आरोपियों ने धमकी दी है कि वे उनका तबादला इतनी दूर करवा देंगे कि वे अपने बच्चों के लिए तरस जाएंगी। एक अन्य महिला कर्मचारी ने बताया कि वह पिछले 16 सालों से इस केंद्र में काम कर रही हैं, जबकि उनकी हेल्पर साल 1990 से अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विवाद के दौरान उन्हें जातिसूचक शब्द भी कहे गए और अपमानित किया गया। विरोधी उन्हें सीधे फोन न करके, उनकी हेल्पर के जरिए डराने और धमकाने का काम कर रहे हैं।
महिलाओं ने पुलिस में की शिकायत पीड़ित महिलाओं और ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने दातार सिंह, नंबरदार जोरावर सिंह, राजेश कुमार और दो अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी या कोई सख्त एक्शन नहीं लिया जा रहा है। पुलिस की ढीली कार्रवाई से परेशान होकर पीड़ित पक्ष आज एक बार फिर जिला प्रशासन के द्वार पर इंसाफ की गुहार लगाने पहुंचा है।
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