लुधियाना में एसई प्रवीन सिंगला-काउंसलर कमल अरोड़ा विवाद: एसई ने MC कमिश्नर को दी शिकायत, कमिश्नर बोली-कोई शिकायत नहीं मिली, इंप्लाइज संघर्ष कमेटी की बैठक आज – Ludhiana News
लुधियाना नगर निगम जोन-B में बीएंडआर ब्रांच के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीन सिंगला और वार्ड नंबर 20 के शिरोमणि अकाली दल के पार्षद कमल अरोड़ा के बीच हुई हाथापाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एसई प्रवीन सिंगला ने अभी तक पुलिस को इस मामले में कोई शिकायत नहीं दी, जबकि पुलिस चौकी नगर निगम जोन बी की ही बिल्डिंग में है जहां पार्षद के साथ हाथापाई हुई। प्रवीण सिंगला का कहना है कि उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को शिकायत दे दी है। उधर, नगर निगम कमिश्नर डॉ नीरू कत्याल गुप्ता का कहना है कि बुधवार देर शाम तक उन्हें शिकायत नहीं मिली। इस सब के बीच म्युनिसिपिल इंप्लॉइज संघर्ष कमेटी के प्रधान जसदेव सिंह सेखों ने आज कोर कमेटी की बैठक बुला दी है। कोर कमेटी की बैठक में एसई प्रवीन सिंगला को भी बुलाया गया है। कोर कमेटी बैठक में फैसला करेगी कि अफसर के साथ हुए विवाद ओर शिअद पार्षद के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाएगा। अफसरों ने काम नहीं करना तो साफ मना कर दें वार्ड नंबर 20 से पार्षद कमल अरोड़ा ने एक वीडियो जारी कर साफ कर दिया कि जिस अफसर को विपक्षी पार्षदों के काम नहीं करने हैं वो बता दें। ताकि हम उनके पास न जाएं और अन्य अफसरों से अपने काम की गुहार लगाएं। उन्होंने कहा कि पब्लिक के काम के लिए पार्षदों को अफसरों के पास ही जाना पड़ेगा। अगर अफसर काम नहीं करेंगे तो वो क्या करें। पब्लिक के काम के लिए तल्खियां होती रहेंगी। पार्षद ने एसई के साथ हुए विवाद का कारण बताया और उन्होंने कहा कि उनके वार्ड की एक सड़क को रिपेयर करने के लिए दो महीने से कहा है। इसके अलावा विकास कार्यों की फाइलें अटकाई जा रही हैं। वहीं दूसरी तरफ पार्षद का चुनाव हार चुके आप नेताओं को तरजीह दी जा रही है। यही नहीं उन्हाेंने प्रवीन सिंगला पर फोन न उठाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कल भी उन्होंने तीन बार फोन किया और अफसर ने फोन नहीं उठाया। दफ्तर में जाने पर उनका व्यवहार भी ठीक नहीं था। वो पब्लिक के काम के लिए अफसर के पास गए थे। इसलिए माहौल गर्म हो गया। अफसर हारे हुए नेताओं को तरजीह देना बंद करें पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर व वर्तमान में नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शाम सुंदर मल्होत्रा का कहना है कि अफसरों के साथ हाथापाई करना ठीक नहीं है वो इसका समर्थन नहीं करते हैं लेकिन अफसरों को भी उन्हें पार्षदों का सम्मान करना होगा। शाम सुंदर मल्होत्रा का कहना है कि नगर निगम अफसरों के हालात ये हैं कि वो विपक्षी पार्षदों के वार्डों में काम करने के लिए आम आदमी पार्टी के हारे हुए नेताओं के पास जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ताजा उदाहरण है कि कल उनके वार्ड में पैचवर्क का काम शुरू हुआ और अफसरों ने काम शुरू करने से पहले आप के उस नेता को बुलाया जो कि पार्षद चुनाव में अपनी जमानत तक नहीं बचा पाया। मल्होत्रा ने कहा कि अफसरों को सुनिश्चित करना होगा कि वो विपक्षी पार्षदों के काम न अटकाएं। मैंने अपने बॉस को शिकायत दी है एसई प्रवीन सिंगला का कहना है कि उनके दफ्तर में पार्षद के साथ बहसबाजी हुई और फिर धक्कामुक्की हुई है। उनका कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस को नहीं दी बल्कि अपने बॉस यानि नगर निगम कमिश्नर को दे दी है। उन्होंने बताया कि विवाद के बाद वो दफ्तर से निकल गए थे। उनका कहना है कि उन्होंने कमिश्नर को शिकायत दे दी है अब वो देखेंगे कि उस पर क्या कार्रवाई करनी है। विपक्षी पार्षदों व निगम अफसरों में होते रहे हैं विवाद, FIR तक हुई दर्ज… मेयर इंदरजीत कौर व BJP पार्षदों और उनके पतियों का विवाद: 2025 में BJP पार्षदों ने मेयर दफ्तर में धरना दिया और आरोप लगाया था कि मेयर पक्षपाती हैं, विपक्षी वार्डों के विकास कार्य रुकवा रही हैं, फाइलें लंबित हैं। इस बात को लेकर भाजपा पार्षदों व मेयर के बीच जमकर बहस हुई। मेयर ने भाजपा के पार्षदों व कुछ पार्षद पतियों के खिलाफ FIR दर्ज करवा दी। जिसमें 5 पर बाइनेम और 20 अज्ञात लोग शामिल थे। कई दिन तक भाजपा का धरना जारी रहा और आखिर में दोनों पक्षाें में समझाैता हुआ। पार्षद पति इंदरजीत सिंह इंदी (कांग्रेस) पर दो बार एफआईआर दर्ज: वार्ड नंबर 61 से कांग्रेस की पार्षद परमिंदर कौर के पति व पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु के पीए इंदरजीत सिंह इंदी के खिलाफ नगर निगम प्रशासन दो बार एफआईआर दर्ज करवा चुका है। पहली बार दिसंबर 2025 में हॉर्टिकल्चर ब्रांच के अजय कुमार को आगे करके इंदी पर पर्चा दर्ज किया गया। आरोप लगाया गया कि इंदी ने अजय कुमार को किडनेप करके पीटा। दरअसल तब पेड़ों की छटाई को लेकर इंदी और अजय कुमार में बहस हुई थी। इस मामले में इंदी को गिरफ्तार किया गया हालांकि अदालत ने उसकी गिरफ्तारी को गैरकानूनी करार दिया। अप्रैल 2026 में इंदी पर सग्गू चौक में सड़क निर्माण में बाधा डालने के मामले में एफआईआर दर्ज करवाई गई। इस मामले में इंदी ने अग्रिम जमानत करवा दी। इंदी का कहना था कि सड़क निर्माण में खामियां थी और उसने उन्हें रोका था जिसके बाद निगम अफसरों ने मजदूर को आगे करके उस पर पर्चा दर्ज करवाया था। कांग्रेस पार्षदों और एडीशनल कमिश्नर में हुआ था विवाद: नवंबर 2025 में कांग्रेस पार्षदों, पूर्व पार्षदों और पार्षद पतियों (मुख्य रूप से इंदरजीत सिंह इंदी, सनी भल्ला और पार्षद अरुण शर्मा) और एडीशनल कमिश्नर परमदीप सिंह खैहरा के बीच जमकर विवाद हुआ। MC कर्मचारियों की शिकायत पर इंदी आदि पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगा। कांग्रेस नेताओं ने एडीशनल कमिश्नर के ऑफिस के बाहर घेराव किया, गाड़ी रोकी और सार्वजनिक रूप से तूतू-मैंमैं हुई। एडीशनल कमिश्नर ने भविष्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। कांग्रेस पार्षदों ने सड़क से लेकर हाउस तक इस मामले में एडीशनल कमिश्नर की खिलाफत की। हालांकि इस मामले में कोई एफआईआर नहीं हुई।
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