फरीदकोट के NRI ने माउंट एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा: वापस लौटने पर DC ने किया सम्मानित; बोले-हर क्षेत्र में बुलंदियां छू रहे पंजाबी – Faridkot News
फरीदकोट के गांव कासम भट्टी से संबंध रखने वाले प्रवासी पंजाबी (NRI) अजयपाल सिंह धालीवाल ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह करते तिरंगा फहराया और फरीदकोट जिले व पंजाब का नाम रोशन किया है। वीरवार को उनके फरीदकोट लौटने पर डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा ने उन्हें जिला प्रशासन की तरफ से सम्मानित किया। इस अवसर पर उनके साथ जेल अधीक्षक इकबाल सिंह धालीवाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस मौके पर डीसी चाबा ने कहा कि अजयपाल सिंह धालीवाल ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से यह साबित कर दिया है कि पंजाबी दुनिया के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। कनाडा में रह रहे धालीवाल इस मौके पर अजयपाल सिंह धालीवाल ने बताया कि वह वर्तमान समय में सरी ब्रिटिश कोलंबिया (कनाडा) में रह रहे हैं और पेशे से बैरिस्टर (वकील) हैं। वह कई वर्षों से माउंट एवरेस्ट फतह करने के लिए लगातार कठिन मेहनत कर रहे थे। पिछले वर्ष भी उन्होंने इस अभियान का प्रयास किया था, लेकिन सफल नहीं हो सके थे। इस वर्ष उन्होंने 30 अप्रैल 2026 को चढ़ाई शुरू की थी और 20 मई 2026 को सफलतापूर्वक माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर अपना मिशन पूरा किया। इस दौरान उन्हें मुश्किलें भी उठानी पड़ी पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सभी की दुआओं से मिशन फतह कर लिया। माउंट एवरेस्ट पर पहुंचने वाले पहले कनाडाई सिख: डीसी डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा ने कहा कि अजयपाल सिंह धालीवाल माउंट एवरेस्ट पर पहुंचने वाले पहले कनाडाई सिख बने हैं, जो पूरे पंजाबी समुदाय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि धालीवाल इससे पहले भी दुनिया के कई प्रसिद्ध पर्वतों को सफलतापूर्वक फतह कर चुके हैं तथा वह एक बेहतरीन मैराथन धावक होने के साथ-साथ आयरन मैन का खिताब भी हासिल कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह संदेश देती है कि मेहनत और हौसले से हर मंजिल हासिल की जा सकती है।
Source link

