फतेहगढ़ साहिब में पुलिस-अकाली नेताओं में झड़प: राज्यपाल को ज्ञापन देने जाते समय धक्कामुक्की; डीसी दफ्तर का दरवाजा टूटा – Fatehgarh Sahib News
फतेहगढ़ साहिब में मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) के नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हो गई। यह घटना डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में पंजाब के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के दौरान हुई, जिसमें डीसी कार्यालय का दरवाजा क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने ज्ञापन सौंपने के लिए केवल 5 प्रतिनिधियों को कार्यालय के अंदर जाने की अनुमति दी थी। हालांकि, बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता एक साथ अंदर जाने का प्रयास करने लगे, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोका। इसी दौरान दोनों पक्षों में खींचतान हुई और कार्यालय का दरवाजा टूट गया। घटना के समय वरिष्ठ अकाली नेता प्रोफेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा सहित कई पार्टी नेता मौजूद थे। स्थिति शांत होने के बाद, पार्टी प्रतिनिधियों ने पंजाब के राज्यपाल के नाम ज्ञापन फतेहगढ़ साहिब के डिप्टी कमिश्नर को सौंपा। ज्ञापन घल्लूघारा दिवस को समर्पित प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने बताया कि यह ज्ञापन घल्लूघारा दिवस को समर्पित है और इसका उद्देश्य पंजाब तथा पंथ से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाना है। उन्होंने कहा कि पंजाब कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनके समाधान के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को तत्काल कदम उठाने चाहिए। ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें शामिल ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें शामिल हैं। इनमें बंदी सिंहों की रिहाई, श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को स्थायी रूप से खुला रखना, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव कराना, किसानों और मजदूरों की लंबित मांगों का समाधान, बाघा और हुसैनीवाला सीमा के रास्ते व्यापार फिर से शुरू करना, चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपना और पंजाबी भाषी क्षेत्रों को पंजाब में शामिल करना शामिल है। पार्टी नेताओं ने जोर दिया कि ये सभी मुद्दे पंजाब के लोगों की भावनाओं और अधिकारों से जुड़े हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यपाल के माध्यम से ये मांगें केंद्र सरकार तक पहुंचेंगी और उन पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
Source link

