मिड-डे मील की गुणवत्ता-हाइजीन से समझौता न हो: पठानकोट में बैठक में डीईओ कमलदीप कौर ने दिए निर्देश, मैन्यू का पालन अनिवार्य – Pathankot News

मिड-डे मील की गुणवत्ता-हाइजीन से समझौता न हो:  पठानकोट में बैठक में डीईओ कमलदीप कौर ने दिए निर्देश, मैन्यू का पालन अनिवार्य – Pathankot News




पठानकोट जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को दिए जाने वाले दोपहर के भोजन (Mid-Day Meal) को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी (एलीमेंट्री) कमलदीप कौर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले के सभी मिड-डे मील एबीएम (Assistant Block Managers) और वर्कर शामिल हुए। इस मौके पर उप जिला शिक्षा अधिकारी (एलीमेंट्री) डी.जी. सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर चर्चा की। भोजन की गुणवत्ता और निर्धारित मेन्यू का पालन अनिवार्य बैठक को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कमलदीप कौर ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता (Quality) से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कड़ाई से कहा कि सभी सरकारी स्कूलों में सरकार द्वारा निर्धारित वीकली मेन्यू के अनुसार ही ताजा, गर्म और पौष्टिक भोजन तैयार कर विद्यार्थियों को परोसा जाए, ताकि उनके पोषण स्तर में सुधार हो सके। हाइजीन (Hygiene) पर विशेष जोर: रसोई घर और बर्तनों की रोज होगी सफाई डीईओ ने स्कूलों में स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों (Safety Standards) को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों के रसोई घरों (Kitchen Sheds), भोजन पकाने वाले स्थानों और बर्तनों की नियमित व सघन सफाई सुनिश्चित की जाए। भोजन तैयार करने और उसे बच्चों को परोसने के दौरान मिड-डे मील वर्कर पूरी तरह स्वच्छता का ध्यान रखें, ताकि विद्यार्थियों को पूरी तरह सुरक्षित और जीवाणु-मुक्त भोजन मिल सके। स्टॉक रजिस्टर और ऑनलाइन पोर्टल को अप-टू-डेट रखने के आदेश उप जिला शिक्षा अधिकारी डी.जी. सिंह ने योजना के प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी प्रभारियों को निर्देश दिए कि मिड-डे मील से संबंधित राशन का रिकॉर्ड, विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति रजिस्टर और खाद्य सामग्री के वैज्ञानिक भंडारण (Storage) पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने स्टॉक रजिस्टरों की दैनिक एंट्री करने तथा विभागीय ऑनलाइन पोर्टलों पर समय रहते पूरी जानकारी अपलोड करने को कहा। डी.जी. सिंह ने एबीएम कर्मियों को निर्देशित किया कि वे समय-समय पर स्कूलों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) कर भोजन की जमीनी हकीकत की प्रभावी निगरानी करें। कमी पाए जाने पर तुरंत उच्च अधिकारियों को दें रिपोर्ट बैठक में यह भी तय किया गया कि भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच के लिए विभागीय निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा। यदि किसी स्कूल में खाद्यान्न की कमी या कोई अन्य समस्या सामने आती है, तो उसकी रिपोर्ट तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाए ताकि समय रहते समाधान किया जा सके। बैठक के दौरान उपस्थित जमीनी कर्मचारियों और एबीएम ने अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए और योजना को और बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। शिक्षा अधिकारी ने थपथपाई वर्करों की पीठ बैठक के समापन पर जिला शिक्षा अधिकारी कमलदीप कौर ने विषम परिस्थितियों में भी मुस्तैदी से काम करने वाले सभी मिड-डे मील एबीएम और कुक-कम-हेल्परों (वर्करों) की मेहनत व समर्पण की खुलकर सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी कर्मचारी भविष्य में भी इसी निष्ठा और सेवा भावना के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे, जिससे न केवल सरकारी स्कूलों के बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलेगा, बल्कि स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ेगी और शिक्षा का माहौल और अधिक सुदृढ़ होगा।



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