जगराओं रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर चला कॉसो ऑपरेशन: पार्किंग के लिए कड़े नियम जारी, CCTV लगाना अनिवार्य, न लगाने पर कार्रवाई – Jagraon News
लुधियाना देहात की जगराओं पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए एक बड़ा अभियान छेड़ा है। ‘कॉसो ऑपरेशन’ (CASO Operation) के तहत पुलिस ने रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड परिसर में अचानक व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान शहर की सुरक
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इस अभियान के दौरान पुलिस बल ने रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सघन तलाशी अभियान भी चलाया। सुरक्षाकर्मियों ने वहां मौजूद यात्रियों के बैगों और सामान की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही, परिसर में घूम रहे संदिग्ध व्यक्तियों की तस्वीरें भी पुलिस रिकॉर्ड के लिए ली गईं। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर बिना किसी वजह के अनावश्यक रूप से बैठने वाले लोगों को भी पुलिस ने खदेड़ा और सख्त चेतावनी दी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और जनता को सुरक्षित माहौल देने के लिए अब किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी। आने वाले दिनों में संवेदनशील स्थानों पर इस तरह की निगरानी और सख्त की जाएगी।
सीसीटीवी कैमरे न होने पर ठेकेदारों पर गिरेगी गाज
एसएसपी (SSP) डॉ. अंकुर गुप्ता ने खुद इस जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में करीब 16 से 17 ऐसे प्रमुख और संवेदनशील बिंदुओं की पहचान की गई है, जहां तीसरी आंख यानी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों का होना बेहद जरूरी है।स मीक्षा के बाद पुलिस ने पार्किंग ठेकेदारों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व किसी अप्रिय घटना को अंजाम न दे सके>
एसएसपी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है:
कैमरे लगाना अनिवार्य: रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सरकारी दफ्तरों की पार्किंग की जिम्मेदारी जिन ठेकेदारों के पास है, उन्हें तुरंत वहां सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे।
होगी सख्त कार्रवाई: यदि किसी भी सरकारी परिसर या सार्वजनिक पार्किंग में कैमरे नहीं पाए गए, तो संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
पार्किंग के लिए नए और कड़े नियम जारी
रजिस्टर में एंट्री जरूरी: पार्किंग ठेकेदारों को अब हर वाहन चालक का नाम, मोबाइल नंबर और गाड़ी का नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा।
लावारिस वाहनों पर नजर: यदि कोई वाहन लंबे समय तक पार्किंग में खड़ा रहता है और मालिक उसे अगले दिन भी वापस नहीं ले जाता, तो ठेकेदार को इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को देनी होगी।
ट्रैकिंग होगी आसान: सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद पुलिस के लिए यह पता लगाना बेहद आसान हो जाएगा कि कोई संदिग्ध वाहन किस व्यक्ति द्वारा और किस समय पार्क किया गया था।

