मॉरीशस में फंसा पंजाबी युवक भारत लौटा: एजेंटों के झांसे में फंसकर मानव तस्करी का हुई शिकार, संत सीचेवाल के प्रयास वापस लौटा – Kapurthala News
लुधियाना के जसविंदर सिंह मॉरीशस से सुरक्षित भारत लौट आए हैं। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से उन्हें मॉरीशस की जेल से रिहा कराया गया और परिवार से मिलाया गया। कई महीनों तक धोखे और शोषण का शिकार रहे जसविंदर के लिए संत सीचेवाल की मदद आशा की किरण बनी। जसविंदर सिंह ने सुल्तानपुर लोधी स्थित निरमल कुटिया में अपने परिवार के साथ संत सीचेवाल का धन्यवाद करते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने लोगों से एजेंटों के झांसे में न फंसने की अपील की है। कहा एजेंटों की मिलीभगत से विदेश में कई युवा फंसे पड़े हैं।
मानव तस्करी के शिकार हो रहे युवा जसविंदर ने बताया कि उन्होंने बताया कि ट्रैवल एजेंट भोले-भाले युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर मानव तस्करी के जाल में फंसा रहे हैं। टूरिस्ट वीज़ा पर विदेश भेजकर उनका आर्थिक और मानसिक शोषण किया जाता है। वह जनवरी 2025 में टूरिस्ट वीज़ा पर मॉरीशस पहुंचे थे। वहां पहुंचते ही कंपनी प्रबंधकों ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया और वर्क वीज़ा बनवाने का झूठा आश्वासन दिया। काम खत्म होने के बाद बिना पासपोर्ट के छोड़ दिया उनसे छह महीने तक प्रतिदिन 14 घंटे काम करवाया गया, लेकिन न तो वीज़ा बदला गया और न ही एक महीने का वेतन दिया गया। काम खत्म होने पर उसे बिना पासपोर्ट और बिना किसी सहारे के छोड़ दिया गया। ओवरस्टे होने से पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया, जिससे उसका परिवार से संपर्क टूट गया। परिवार के लिए यह समय अत्यंत पीड़ादायक था। परिवार ने संत सीचेवाल से मांगी मदद 24 मई को जसविंदर के परिवार ने संत बलबीर सिंह सीचेवाल से संपर्क किया और मदद मांगी। संत सीेंचवाल के प्रयास से कारण भारतीय दूतावास ने त्वरित कार्रवाई की। दूतावास ने जसविंदर सिंह को हिरासत से रिहा कराया, उनका पासपोर्ट वापस दिलवाया और एक सप्ताह के भीतर उनकी सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित की। जल्दबाजी में एजेंटों के झांसे में न फंसे संत सीचेवाल ने युवाओं और उनके परिवारों से अपील की कि विदेश जाने की जल्दबाजी में किसी भी ट्रैवल एजेंट के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि टूरिस्ट वीज़ा पर रोजगार हासिल करने के सपने अक्सर युवाओं को मुसीबत में डाल देते हैं। उन्होंने सरकार से भी ऐसे गैरकानूनी धंधों में शामिल ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
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