पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई: जालंधर आबकारी विभाग के सीनियर सहायक को 5,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार, मामला दर्ज कर जांच शुरू – Jalandhar News
पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत विजिलेंस ब्यूरो ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। विजिलेंस की टीम ने आबकारी विभाग जालंधर में तैनात सीनियर सहायक सतनाम सिंह को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी ने एक रेस्टोरेंट मालिक से ड्राफ्ट बीयर और वाइन बेचने के लाइसेंस (L-5B) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और मंजूरी दिलाने के एवज में इस रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता की सूझबूझ और विजिलेंस की मुस्तैदी के चलते आरोपी को मौके पर ही धर दबोचा गया। लाइसेंस की प्रक्रिया के एवज में मांगी थी रिश्वत राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई जालंधर जिले की तहसील फिल्लौर के गांव नागरा निवासी एक रेस्टोरेंट मालिक की शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायतकर्ता अपने रेस्टोरेंट में ग्राहकों को ड्राफ्ट बीयर और वाइन परोसने के लिए L-5B लाइसेंस लेना चाहता था, जिसके लिए उसने आबकारी विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन दाखिल होने के बाद जालंधर जोन के कलेक्टर-कम-डिप्टी कमिश्नर (आबकारी) ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार रिपोर्ट तैयार करने और अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के निर्देश जारी किए थे। जब फाइल सीनियर सहायक सतनाम सिंह के पास पहुंची, तो उसने काम जल्दी करवाने और अनुकूल रिपोर्ट देने के लिए शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये की अवैध रिश्वत की मांग की। रिश्वत की रिकॉर्डिंग बनी अहम सबूत, ट्रैप लगाकर पकड़ा गया शिकायतकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ था और रिश्वत देने का बिल्कुल इच्छुक नहीं था। उसने समझदारी दिखाते हुए आरोपी अधिकारी के साथ हुई रिश्वत की पूरी बातचीत को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद उसने तुरंत विजिलेंस ब्यूरो की जालंधर रेंज से संपर्क किया और आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया। दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में जैसे ही आरोपी सीनियर सहायक सतनाम सिंह ने शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये की रिश्वत की राशि स्वीकार की, विजिलेंस टीम ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से रिश्वत के 5,000 रुपये भी बरामद कर लिए गए। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो पुलिस स्टेशन, जालंधर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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