पंजाब में अल-नीनो की वजह से कमजोर रहेगा मानसून: लुधियाना समेत 7 जिलों में कम बारिश का अनुमान; आज तेज आंधी चलने का अलर्ट – Chandigarh News
पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम ने करवट ले ली है। पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश के असर से तापमान में गिरावट आई है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक, आज 30 मई को राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, पठानकोट, तरनतारन, फाजिल्का, मुक्तसर और बठिंडा में आंधी के साथ ओले गिर सकते हैं, इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया। विभाग का कहना है कि 4 जून तक हीट वेव पूरी तरह खत्म हो जाएगी। मानसून 5 दिन से केरल में अटका हुआ है, हालांकि 25 जून तक मानसून पंजाब में एंट्री कर सकता है। इस साल इसके कमजोर पड़ने की संभावना है, जिसके पीछे अल-नीनो का प्रभाव माना जा रहा है। इसके असर से मानसूनी हवाओं की रफ्तार और बारिश का पैटर्न प्रभावित होता है। जिससे लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, मानसा, संगरूर, फाजिल्का और फिरोजपुर में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। उधर, पिछले 24 घंटों में पंजाब के अधिकतम तापमान में 4.6 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा तापमान 43.4 डिग्री बठिंडा में रिकॉर्ड किया गया। वहीं तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री नीचे पहुंच गया है। जबकि चंडीगढ़ में 4.4 डिग्री तापमान कम हुआ है। गर्मी के कारण 2 असर इस तरह मौसम की स्थिति मानसून की उत्तरी सीमा अभी दक्षिणी हिस्सों के ऊपर से गुजर रही है, यानी मानसून अभी भारत में पूरी तरह नहीं पहुंचा है, लेकिन आगे बढ़ रहा है। पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पास सक्रिय है, जिससे बादल, बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है। एक और कम दबाव/हवा का सिस्टम (ट्रफ) पाकिस्तान से लेकर राजस्थान और अरब सागर तक फैला हुआ है। यह भी निचले स्तर पर हवा को अस्थिर कर रहा है। 4 जून के बाद तापमान बढ़ेगा मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि 30 मई को भी कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने का असर रहेगा। जबकि 31 मई से 4 जून तक सिर्फ कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री तक गिरावट आएगी, जिससे मौसम ठंडा रहेगा। इसके बाद 4 जून से तापमान फिर धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो जाएगा। मानसून 5 दिन से केरल में अटका केरल में मानसून की दस्तक को लेकर मौसम विभाग का पूर्वानुमान गलत साबित हुआ है। मानसून केरल के तट से 30-35 किमी दूर 5 दिन से अटका है और अगले दो-तीन दिन इसके आगे बढ़ने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने 15 मई को कहा था कि केरल में सामान्य तारीख (1 जून) से 5 दिन पहले 26 मई को मानसून दस्तक देगा। मानसून 16 मई को अंडमान आ गया था। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पंजाब में मानसून सामान्य से कम रहने का अनुमान है। इस बार राज्य में बारिश लंबी अवधि के औसत का करीब 90% रह सकती है। अल नीनो की सक्रिय स्थिति के कारण पंजाब में मानसून कमजोर पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कहा कि जून में अल नीनो का असर दिख सकता है। जुलाई और अगस्त में भी कमजोर से मध्यम स्तर का अल नीनो बने रहने की संभावना है। अल नीनो के कारण समुद्र का पानी असामान्य रूप से गर्म हो जाता है, जिसके साथ हवा के पैटर्न में भी बदलाव आता है। इसके असर से दुनियाभर में बारिश का चक्र बिगड़ जाता है। कहीं भयंकर सूखा तो कहीं मूसलधार बारिश और बाढ़ आती है। सीधे शब्दों में कहें तो जब अल-नीनो एक्टिव होगा, तब वह प्रशांत महासागर से भारत की तरफ आने वाली मानसूनी हवाओं को रोक देगा। इससे बारिश पर असर पड़ेगा। ऐसे आगे बढ़ रहा मानसून, देखिए इस साल कहां, कैसा रहेगा मानसून? मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के उत्तरी और पूर्वी जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में मानसून सामान्य के आसपास रह सकता है। ये जिले शिवालिक पहाड़ियों के नजदीक होने के कारण यहां अपेक्षाकृत बेहतर बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं मध्य और दक्षिण-पश्चिमी जिलों लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, मानसा, संगरूर, फाजिल्का और फिरोजपुर में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। ये इलाके मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र हैं, इसलिए कम बारिश का असर खेती पर भी पड़ सकता है। आने वाले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 31 मई – पठानकोट, होशियारपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा और रूपनगर में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना। 1 जून – मौसम सामान्य रहने के आसार, कोई अलर्ट जारी नहीं। 2 जून – राज्य में फिलहाल किसी तरह का मौसम अलर्ट नहीं, मौसम सामान्य रह सकता है।
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