आरटीओ दफ्तर में अफसरों के कमरों के बाहर नाम-नंबर गायब, जनता परेशान – Ludhiana News
परिवहन विभाग (आरटीओ) दफ्तर को दलाल मुक्त करने और जनता की सहूलियत के लिए विभाग ने एक नई पहल तो शुरू की है, लेकिन असल में यह व्यवस्था अभी भी आधी-अधूरी नजर आ रही है। आरटीओ विभाग में सभी कर्मचारियों के कमरों के बाहर उनके नाम, मोबाइल नंबर और उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों की लिस्ट लगाने का काम शुरू किया गया है। मगर हैरानी की बात यह है कि जिन काउंटर्स या कमरों में पब्लिक का सबसे ज्यादा काम होता है, वहीं से यह जरूरी जानकारियां नदारद हैं। भास्कर की टीम ने जब दफ्तर का रियलिटी चेक किया तो सामने आया कि कमरा नंबर 7 में गाड़ियों का टैक्स जमा होता है, उस सीट पर किसी भी कर्मचारी का नाम या मोबाइल नंबर नहीं लिखा गया था। इसके अलावा, जिन कमरों में महिला कर्मचारी बैठती हैं, वहां भी कोई स्लिप नहीं लगाई गई है। बता दें कि इन महिला कर्मचारियों के पास बैकलॉग एंट्री, आरसी में नाम बदलवाना या किसी भी प्रकार के सुधार जैसी अहम जिम्मेदारियां हैं। इन कमरों के बाहर कोई जानकारी न होने के कारण वीरवार को भी लोग दफ्तर में इधर-उधर भटकते नजर आए। कई लोग टैक्स जमा कराने के लिए चक्कर काट रहे थे, लेकिन कमरा बंद होने और बाहर कोई संपर्क नंबर न होने की वजह से लोग बिना काम कराए मायूस होकर वापस लौट गए। ^पब्लिक की सहूलियत के लिए ही कर्मचारी कुर्सियों पर बैठे हैं, किसी भी आम नागरिक को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।” “जिन कर्मचारियों ने अभी तक कमरों के बाहर अपनी डिटेल नहीं लगाई है, सुबह तक हर हाल में सभी के कमरों के बाहर नाम, नंबर और जिम्मेदारी की पूरी जानकारी प्रदर्शित होगी दफ्तर में जो भी एजेंट हैं, उनके काम को पूरी तरह से बंद कराया जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।- आरटीओ मनकवल सिंह चहल
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