बटाला गोलीकांड में गन-हाउस मालिक की भी मौत: बीते कल निहंग सिंह की हुई थी मौत, कार को रास्ता देने को लेकर चलीं थीं गोलियां – Pathankot News

बटाला गोलीकांड में गन-हाउस मालिक की भी मौत:  बीते कल निहंग सिंह की हुई थी मौत, कार को रास्ता देने को लेकर चलीं थीं गोलियां – Pathankot News




गुरदासपुर के बटाला में स्थित सिंबल चौक के पास हुए गोलीकांड में निहंग सिंह की मौत के बाद एक और युवक की देर रात अमृतसर में मौत हो गई। मृतक कंवलजीत सिंह बटाला में ही गन हाऊस चलाता था। जबकि, उसका भाई जगजीत सिंह अभी भी गंभीर तौर पर घायल है और उसका ईलाज भी अमृतसर में चल रहा है।
बता दें, बीते कल बटाला में कार को रास्ता देने को लेकर निहंग सिंह दीपइंदर सिंह और गन हाउस चलाने वाले गन हाउस मालिक कवलजीत सिंह और उनका भाई जगजीत सिंह की झड़प हो गई। जिसमें दीपइंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
जबकि, कवलजीत सिंह और उसका भाई जगजीत सिंह गंभीर तौर पर घायल हो गए। दोनों को अमृतसर रैफर किया गया था। जिनमें से गन हाउस मालिक कवलजीत की मौत हो गई।
निहंग सिंह के पिता बोले, किसी से नहीं थी रंजिश
इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक निहंग सिंह दीपइंदर सिंह के पिता जसबीर सिंह ने बताया कि उनके बेटे दीपइंदर की किसी के साथ भी कोई पुरानी दुश्मनी या रंजिश नहीं थी। वह तो नशा छुड़ाने का काम करता था और समाज सेवा में जुटा रहता था। पिता ने बेहद भावुक होकर कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनके बेटे को आखिर क्यों मार दिया गया।
3 पिस्टल किए गए रिकवर
बटाला पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटनास्थल से 3 पिस्टल मिली हैं। एसएसपी महताब सिंह का कहना है कि इस मामले में कोई पुरानी रंजिश, रंगदारी मांगने या टारगेट किलिंग का एंगल सामने नहीं आया है। ये सारी घटना रोडरेज है। किसी बात को लेकर दोनों में बहस हुई और गुस्से में गोलीबारी हो गई। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
ये था पूरा मामला
गुरदासपुर के बटाला में गाड़ी क्रॉस करने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। बहसबाजी के दौरान दोनों ओर से गोलियां चलीं। चश्मदीदों के अनुसार, पहले फॉर्च्यूनर सवार एक युवक ने पिस्तौल निकालकर 2 से 3 फायर किए।
इसके बाद दूसरी तरफ मौजूद निहंग ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें फॉर्च्यूनर सवार एक युवक घायल हो गया। इसके बाद दूसरे पक्ष की ओर से ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं, जिससे निहंग की मौत हो गई और वहीं जमीन पर गिर गया।
निहंग को गोली मारने वाले युवक ने फिर अपनी ही पिस्तौल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की कोशिश की। गोली लगी देखकर उसके साथी ने निहंग की लाश पर चढ़कर 2 और फायर किए। चश्मदीदों के मुताबिक, मौके पर 15 राउंड गोलियां चलीं हैं।
मृतक की पहचान निहंग दीपइंदर सिंह के नाम से हुई, जबकि दूसरे पक्ष के घायलों की पहचान जगजीत सिंह और उसके भाई कमलप्रीत सिंह के रूप में हुई है। एसएसपी डॉ. महताब सिंह ने कहा कि केस दर्ज कर लिया है, मामले की जांच कर रहे हैं। चश्मदीद ने ये बड़ी बातें बताईं…
लोग झगड़ा छुड़ाने गए, फॉर्च्यूनर सवार ने फायरिंग की: चश्मदीद जसपाल सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच गाड़ी निकालने की बात को लेकर बहसबाजी हो रही थी। पास खड़े लोगों ने सोचा कि उनका झगड़ा छुड़ा दिया जाए, ताकि बात आगे न बढ़े। लेकिन इसी दौरान फॉर्च्यूनर गाड़ी में बैठे एक लड़के ने अचानक अपनी पिस्तौल निकाल ली। जब लोग बीच-बचाव के लिए आगे बढ़ने लगे, तो फॉर्च्यूनर सवार उस लड़के ने सड़क की तरफ 2 से 3 फायर कर दिए, जिससे डरकर लोग पीछे हट गए।
निहंग ने जवाबी फायरिंग की, फिर गोलियों से भून डाला गया: जसपाल ने बताया कि हवाई फायर होते देख दूसरी तरफ मौजूद निहंग दीपइंदर सिंह ने भी अपनी पिस्तौल निकाल ली और सीधी गोलियां चला दीं। गोली फॉर्च्यूनर सवार एक लड़के की टांग और एक अन्य जगह पर लगी। इसके बाद गुस्से में आए फॉर्च्यूनर सवार दूसरे युवक ने निहंग पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे निहंग की मौके पर ही मौत हो गई और वह जमीन पर गिर पड़ा।
हमलावर ने की खुदकुशी की कोशिश: जसपाल सिंह ने बताया कि निहंग सिंह को गोली मारने के तुरंत बाद, उस युवक ने अपनी ही पिस्तौल से अपने सिर में गोली मार ली। इस बीच फॉर्च्यूनर सवारों के साथ मौजूद एक अन्य युवक ने जब देखा कि उसके साथी को गोली लग गई है, तो उसने गुस्से में आकर गिरे हुए निहंग के ऊपर चढ़कर 2 से 3 और फायर किए।
दोनों ओर से 15 राउंड गोलियां चली: जसपाल ने बताया कि मौके पर करीब 15 राउंड गोलियां चली हैं, जिनमें से पुलिस को अब तक 9 से 10 खोल मिल चुके हैं। फॉर्च्यूनर सवार युवकों के पास दो पिस्तौलें थीं, जबकि निहंग के पास एक पिस्तौल थी।
नशा छुड़ाओ केंद्र चलाता था निहंग: निहंग दीपइंदर सिंह उर्फ दीप शुक्रपुरा (बटाला) का रहने वाला था। वह एक नशा मुक्ति केंद्र (डी-एडिक्शन सेंटर) चलाता था।
गन हाउस मालिक था दूसरा मृतक : फॉर्च्यूनर सवार दोनों युवक सगे भाई थे। कवलजीत सिंह और उसका भाई जगजीत सिंह बटाला में ही गन हाउस चलाते थे।



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