जालंधर ED में पेश MLA रमन अरोड़ा: आय से अधिक खर्च मामला, 9 दिन में दूसरी बार पहुंचे; फरीदकोट से पूर्व कांग्रेस MLA भी पेश – Jalandhar News

जालंधर ED में पेश MLA रमन अरोड़ा:  आय से अधिक खर्च मामला, 9 दिन में दूसरी बार पहुंचे; फरीदकोट से पूर्व कांग्रेस MLA भी पेश – Jalandhar News




जालंधर ईडी (ED) में आज सेंट्रल हल्के से आप विधायक रमन अरोड़ा और फरीदकोट से कांग्रेस के पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह उर्फ किक्की ढिल्लों पेश हुए। ईडी दफ्तर जाने से पहले रमन अरोड़ा ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। 2 जून को भी ED अधिकारियों ने अरोड़ा से लगभग 9 घंटे पूछताछ की थी। रमन अरोड़ा पर आय से अधिक संपत्ति का केस है। इस मामले में उन्हें पहले पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने गिरफ्तार भी किया था। रमन अरोड़ा जालंधर सेंट्रल से विधायक हैं। उन पर दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों से वसूली करने के आरोप भी लगे हैं। पंजाब विजिलेंस की ओर से विधायक के खिलाफ दर्ज FIR को आधार बनाकर ED ने मनी लांड्रिंग को लेकर जांच शुरू की है। इसी तरह से फरीदकोट विधानसभा क्षेत्र से पूर्व कांग्रेस विधायक कुशलदीप सिंह उर्फ किक्की ढिल्लों 8 दिन में दूसरी बार पेश हुए। दस्तावेजों का मोटा बंडल हाथ में लिए किक्की सुबह 11 बजे के करीब ED दफ्तर पहुंचे। इससे पहले 4 जून को उनसे जालंधर ED ने 9 घंटे पूछताछ की थी। ईडी के सवालों का जवाब देकर बाहर निकलने पर पूर्व विधायक ने कहा था कि ईडी ने उनके साथ सहयोग किया है। दरअसल, किक्की ढिल्लों के खिलाफ मई 2023 में विजिलेंस ब्यूरो ने केस दर्ज किया था। इसके बाद उनको अरेस्ट किया गया था। इसी मामले को लेकर जालंधर ईडी अधिकारियों ने किक्की ढिल्लों के लिए सवालों की लिस्ट तैयार की थी। इसके मुताबिक उनसे पूछताछ की गई थी। पिछली बार ईडी समक्ष पेश होने के बाद ढिल्लों ने कहा था कि अभी उनका मामला कोर्ट में चल रहा है, इसलिए वह इस पर कुछ ज्यादा नहीं बता पाएंगे। जालंधर ईडी ने आय से संबंधित कुछ डॉक्यूमेंट मांगे थे, जो उनको सौंप दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत की न्याय व्यवस्था पर उनको पूरा भरोसा है। उनको विश्वास है कि कोर्ट से उनको इंसाफ मिलेगा। जानें क्या है आप MLA रमन अरोड़ा का केस… 10 करोड़ रुपए की संपत्ति का मामला दर्ज
विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ 1.10 करोड़ रुपए की संपत्ति का मामला दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। आरोप है कि रमन अरोड़ा ने असिस्टेंट टाउन प्लानर (ATP) सुखदेव वशिष्ठ के साथ मिलकर अवैध नोटिस जारी किए। इन नोटिसों के जरिए बिल्डिंग मालिकों को सीलिंग और तोड़फोड़ की धमकी दी जाती थी और मामलों को निपटाने या वापस लेने के बदले में कथित रूप से पैसों की मांग की जाती थी। जून को ED दफ्तर में पहुंचने के लिए कहा था
अधिकारियों ने बताया कि उन्हें 2 जून को जालंधर स्थित ED दफ्तर में पेश होने के लिए कहा गया था, जिसके बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया जाना था। अधिकारियों के अनुसार, विधायक अरोड़ा के खिलाफ जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने भी पिछले साल 23 अगस्त को अवैध वसूली का एक मामला दर्ज किया था। बाद में 22 सितंबर को जिला कोर्ट से उन्होंने जमानत ले ली थी। जानें क्या है कांग्रेस के पूर्व विधायक ढिल्लों का केस…
2017 से 2022 तक आय से अधिक खर्चा किया था
बता दें कि विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई जांच में आरोप लगे थे कि साल 2017 से 2022 तक किक्की ढिल्लों द्वारा 10.72 करोड़ खर्च किया गया था, जबकि आमदनी 3.18 करोड़ थी। कहा जा रहा है कि उस समय 7.53 करोड़ के स्रोत का किक्की ढिल्लों जवाब नहीं दे पाए थे। इस मामले को लेकर विजिलेंस ब्यूरो इस मामले में चार्जशीट फाइल कर चुकी है। उक्त मामला अदालत में लंबित है।

विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था
विजिलेंस के प्रवक्ता ने बताया कि ब्यूरो द्वारा उनकी सभी चल और अचल संपत्तियों का आंकलन करने के लिए 01-04-2017 से 31-03-2022 तक 5 साल की जांच अवधि निर्धारित की गई थी। जांच में पता चला कि पूर्व विधायक ने आय से अधिक संपत्ति बनाई थी और गांव मुमरा, तहसील सादिक, जिला फरीदकोट में अन्य व्यक्तियों के नाम पर संपत्ति खरीदी थी। जांच में यह भी पाया गया कि उन्होंने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों का लगभग 245% ज्यादा खर्च किया। विजिलेंस ने किक्की ढिल्लों के साथ-साथ उनके 2 साथियों फरीदकोट जिला निवासी गुरसेवक सिंह व जिला फिरोजपुर के गांव नानकसर शहीद निवासी राजविंदर सिंह पर भी भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था।



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