पठानकोट के पंगोली में ड्रैंच निर्माण पर विवाद: ग्रामीणों ने लगाया पक्षपात का आरोप; निजी जमीन बचाने के लिए पानी का रुख मोड़ने की आशंका – Pathankot News

पठानकोट के पंगोली में ड्रैंच निर्माण पर विवाद:  ग्रामीणों ने लगाया पक्षपात का आरोप; निजी जमीन बचाने के लिए पानी का रुख मोड़ने की आशंका – Pathankot News




पठानकोट के गांव पंगोली में मालकी खड्ड के पानी को गांव में आने से रोकने के लिए बनाई जा रही ड्रैंच के निर्माण को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। वार्ड नंबर 1 और 2 के निवासियों ने माइनिंग विभाग पर पक्षपात का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभाग एक निजी जमीन मालिक की भूमि को बचाने के लिए निकाली गई मिट्टी का उपयोग कर रहा है, जिससे बरसात में पानी उनके घरों की ओर मुड़ सकता है। रानी, अंजू बाला, बचनो देवी, अंजली देवी, आरती देवी, वार्ड पंच मनदीप कुमारी, सुशीला देवी, अनीता खैरा, ललित कुमार, नीतीश, बलबीर सिंह, शाम लाल, बोध राज, विनेश शर्मा, राज कुमार, सुरिंदर कुमार, पंकज, साहिल कुमार और टिकू सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल खड्ड में आई बाढ़ से उनके घरों में पानी भर गया था और उन्हें भारी नुकसान हुआ था। उनका आरोप है कि खड्ड में बनाई गई एक दीवार ने पानी के प्राकृतिक बहाव को बाधित किया था। ग्रामीण बोले-निजी खेत की ओर डालकर धूसी बनाई जा रही ग्रामीणों के अनुसार, उनकी शिकायतों और मांग पत्रों के बाद प्रशासन ने पानी का बहाव मोड़ने के लिए ड्रैंच निर्माण का कार्य शुरू करवाया था। हालांकि, उनका आरोप है कि ड्रैंच से निकाली गई मिट्टी को एक निजी खेत की ओर डालकर धूसी बनाई जा रही है। इससे उस जमीन का बचाव हो रहा है, लेकिन भविष्य में बरसात का पानी उनके घरों की ओर मुड़ सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि यह कार्य निष्पक्ष तरीके से नहीं किया गया, तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इस संबंध में गांव की सरपंच सुषमा देवी ने बताया कि माइनिंग विभाग पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर ड्रैंच का निर्माण कर रहा है, ताकि बरसात के दौरान पानी गांव में न घुसे। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ ग्रामीण डॉक्टर प्रेम सिंह कंवर की जमीन की ओर लगाए जा रहे मिट्टी के डंप का विरोध कर रहे हैं। मौके पर कार्य की निगरानी कर रहे माइनिंग विभाग के जूनियर इंजीनियर गुरप्रीत सिंह ने कहा कि विभाग नियमानुसार कार्य कर रहा है। जूनियर इंजीनियर बोले- गांव को बरसाती नुकसान से बचाना उद्देश्य उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों को किसी प्रकार की आपत्ति है तो आपसी सहमति से ड्रैंच से निकली मिट्टी को अन्य उपयुक्त स्थान पर डाला जा सकता है। उनका कहना था कि विभाग का उद्देश्य केवल गांव को बरसाती नुकसान से बचाना है। वहीं जमीन मालिक डॉक्टर प्रेम सिंह कंवर ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि संबंधित खड्ड उनकी मालिकाना जमीन में आती है और उनकी सहमति से ही पंचायत के अनुरोध पर माइनिंग विभाग ड्रैंच का निर्माण कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबू राम नामक व्यक्ति, जो न तो पंचायत का प्रतिनिधि है और न ही कोई अधिकृत व्यक्ति, सरकारी कार्य में बाधा डाल रहा है। उन्होंने कहा कि उसके विरोध के कारण विभाग का काम रुक गया, जिससे सरकारी संसाधनों और धन का नुकसान हुआ। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में विघ्न डालने की कार्रवाई की मांग की।



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