अदालत की फटकार के बाद एफआईआर आई सामने: बिक्रम मजीठिया और साथियों पर थाना मजीठा में हंगामा मामले में कई गंभीर आरोप – Amritsar News

अदालत की फटकार के बाद एफआईआर आई सामने:  बिक्रम मजीठिया और साथियों पर थाना मजीठा में हंगामा मामले में कई गंभीर आरोप – Amritsar News




अमृतसर की जिला अदालत के निर्देश के बाद आखिरकार पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया और साथियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर नंबर 91 की प्रति उपलब्ध करवा दी है। अदालत ने कल पुलिस को 24 घंटे के भीतर एफआईआर की कॉपी देने का आदेश दिया था, जिसके अनुपालन में यह दस्तावेज उपलब्ध कराया गया। एफआईआर के अनुसार, 31 मई 2026 को सुबह लगभग 11:30 बजे थाना मजीठा में एक गंभीर घटना घटी। उस समय जोबनप्रीत सिंह नामक आरोपी पुलिस हिरासत में था और एएसआई हरपाल सिंह उससे पूछताछ कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया अपने कुछ नामजद साथियों और करीब 50 से अधिक समर्थकों के साथ अचानक थाना परिसर में पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि मजीठिया और उनके समर्थकों ने बिना किसी वैधानिक अनुमति के थाना परिसर में प्रवेश किया तथा समूह बनाकर हिरासत में मौजूद आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा रोकने के बावजूद वे थाना परिसर के विभिन्न कमरों और कार्यालयों में प्रवेश करते रहे। इससे थाना परिसर में तनावपूर्ण माहौल पैदा हुआ और पुलिस के नियमित कार्यों में बाधा उत्पन्न हुई। एफआईआर में उल्लेख है कि आरोपी की तलाश करते हुए यह समूह उस कमरे तक पहुंच गया जहां जोबनप्रीत सिंह से पूछताछ की जा रही थी। इसी दौरान उनके साथ आए एक व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर पिस्तौल निकालकर लहराई गई, जिससे ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मियों को डराने और उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप करते हुए मेज पर रखी एक केस फाइल भी उठाई गई और उससे संबंधित कुछ दस्तावेज फाड़ दिए गए। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद हिरासत में मौजूद आरोपी जोबनप्रीत सिंह को छुड़ाने की कोशिश भी की गई। हालांकि, मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी, डीएसपी मजीठा और अन्य पुलिस अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया तथा आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के प्रयास को विफल कर दिया। एफआईआर में सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस अधिकारियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने, सरकारी रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचाने, हथियार का प्रदर्शन करने और कानून-व्यवस्था भंग करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि ये आरोप पुलिस द्वारा एफआईआर में दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच जारी है और आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।



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