बरनाला नगर निगम चुनाव पर सवाल: एडवोकेट जिंदल बोले- बैलट पेपर से वोट की गोपनीयता भंग, चुनाव रद्द करने की मांग की – Barnala News
बरनाला में करीब 23 साल बाद हुए नगर निगम चुनाव में बैलट पेपर के इस्तेमाल पर गोपनीयता भंग होने का आरोप लगा है। शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक राय जिंदल ने दावा किया है कि बैलट पेपर पर मौजूद सीरियल नंबर और बंडल स्लिप पर वोटर के हस्ताक्षर से मतदान की निजता समाप्त हो गई है। इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए, एडवोकेट जिंदल ने राज्य चुनाव आयोग और केंद्रीय चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि इन चुनावों को रद्द किया जाए और दोबारा ईवीएम मशीनों के माध्यम से मतदान कराया जाए। पूरी प्रक्रिया समझाते हुए कहा- यह निजता का सीधा उल्लंघन है एडवोकेट जिंदल ने पूरी प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि मतदान के दौरान वोटर की उंगली पर स्याही लगाई जाती है और एक रजिस्टर में उसके हस्ताक्षर लिए जाते हैं। इसके बाद उसे एक बैलट पेपर दिया जाता है, जिसका एक हिस्सा (काउंटरफॉयल) बंडल में ही रह जाता है। वोटर द्वारा डाले गए बैलट पेपर और बंडल में बची स्लिप दोनों पर एक ही सीरियल नंबर होता है। चूंकि बंडल वाली स्लिप पर वोटर के हस्ताक्षर भी होते हैं, यह निजता का सीधा उल्लंघन है। जिंदल बोले- आसानी से पता चल जाएगा व्यक्ति ने किसे दिया वोट एडवोकेट जिंदल के अनुसार, वोटर के हस्ताक्षर वाला रजिस्टर, सीरियल नंबर वाली बंडल स्लिप और मतदान किया गया बैलट पेपर, ये सभी दस्तावेज प्रशासन के पास जमा रहते हैं। ऐसे में, यदि कोई प्रशासनिक अधिकारी मौजूदा सरकार के दबाव या आदेश पर यह जानना चाहे कि किस व्यक्ति ने किस प्रत्याशी को वोट दिया है, तो वह इन सीरियल नंबरों और हस्ताक्षरों का मिलान करके आसानी से इसका पता लगा सकता है। उन्होंने कहा कि रजिस्टर और स्लिप पर वोटर के एक जैसे साइन होते हैं और बैलट पेपर का सीरियल नंबर भी समान होता है, जिससे आम जनता की प्राइवेसी को बड़ा खतरा है। इसीलिए इन चुनावों को तुरंत रद्द करके ईवीएम से नए सिरे से चुनाव कराने बेहद जरूरी हैं। इस संबंध एडीसी बरनाला विवेक मोदी आईएएस ने कहा कि निचले अधिकारियों की इस संबंध ड्यूटी लगा दी है उसके बाद ही वह इस मामले में कुछ कह सकते हैं।
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