अमृतसर में वकीलों की हड़ताल: एडवोकेट बिक्रमजीत बाथ का नाम FIR में शामिल करने पर नाराजगी, नाम हटाने की मांग – Amritsar News
मजीठा थाने में दर्ज एक एफआईआर (FIR) में वकील का नाम शामिल किए जाने के विरोध में अमृतसर बार एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। डिजिटल मीडिया फॉर्मेट के अनुसार तैयार की गई खबर नीचे दी गई है: मजीठा FIR में वकील का नाम आने पर भड़की अमृतसर बार एसोसिएशन, आज ‘नो वर्क डे’ का ऐलान एफआईआर नंबर 91 को लेकर वकीलों में भारी रोष अमृतसर बार एसोसिएशन ने मजीठा थाना में दर्ज एफआईआर नंबर 91 में एडवोकेट बिक्रमजीत सिंह बाथ का नाम शामिल किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। इस कार्रवाई से नाराज कानूनी बिरादरी ने 5 जून, शुक्रवार को ‘नो वर्क डे’ (कामकाज ठप रखने) का बड़ा निर्णय लिया है। वकीलों का आरोप है कि उनके साथी अधिवक्ता को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है, जिससे पूरी लीगल कम्युनिटी में गंभीर चिंता है।
बार एसोसिएशन की बैठक में प्रस्ताव पारित यह निर्णय बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी की एक विशेष बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह पनेसर ने की। बैठक के दौरान सदस्यों ने बिना किसी ठोस आधार के वकील को नामजद करने पर कड़ा ऐतराज जताया। कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर मांग की है कि एडवोकेट बिक्रमजीत सिंह बाथ के खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए। बिना सबूत नाम हटाने की मांग बार एसोसिएशन का साफ कहना है कि यदि पर्याप्त सबूतों के बिना एडवोकेट बाथ का नाम एफआईआर में जोड़ा गया है, तो उसे पुलिस प्रशासन तत्काल प्रभाव से हटाए। एसोसिएशन ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि न्यायिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए वकीलों की स्वतंत्रता, गरिमा और सुरक्षा बेहद जरूरी है। किसी भी वकील को अनुचित तरीके से आपराधिक मामलों में घसीटना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अदालतों से सहयोग की अपील अपने साथी वकील के समर्थन और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अमृतसर बार एसोसिएशन ने आज (5 जून) पूरी तरह काम बंद रखने का फैसला किया है। एसोसिएशन ने न्यायिक अधिकारियों और विभिन्न अदालतों से भी अपील की है कि वे वकीलों की सुरक्षा और गरिमा से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे को देखते हुए इस ‘नो वर्क डे’ के निर्णय में सहयोग करें।
Source link

