पंजाब के 5 युवकों को खालसा एड ने किया रेस्क्यू: वतन वापसी पर आंखों में छलके आंसू; तरनजीत संधू-भारतीय दूतावास ने निभाई भूमिका – Jalandhar News

पंजाब के 5 युवकों को खालसा एड ने किया रेस्क्यू:  वतन वापसी पर आंखों में छलके आंसू; तरनजीत संधू-भारतीय दूतावास ने निभाई भूमिका – Jalandhar News




जालंधर में मानवता और नि:स्वार्थ सेवा के लिए दुनिया भर में मशहूर संस्था ‘खालसा एड’ के निरंतर प्रयासों से लेबनान में फंसे पंजाब के 5 युवाओं को सुरक्षित भारत वापस ले आया गया है। ये युवक अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण लेबनान के बेहद अस्थिर और चुनौतीपूर्ण माहौल में फंस गए थे। खालसा एड ने इस गंभीर मामले को प्राथमिकता से लेते हुए भारत सरकार, पूर्व विदेश सचिव व वर्तमान राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और बेरुत (लेबनान) स्थित भारतीय दूतावास के साथ बेहतरीन तालमेल बिठाया। सभी कानूनी और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद इन पांचों युवकों की सुरक्षित वतन वापसी संभव हो सकी है। अस्थिर हालातों के बीच घर लौटने का कर रहे थे इंतजार
खालसा एड के ट्रस्टी जसप्रीत सिंह दाहिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लौटने वाले युवाओं में करम सिंह (पटियाला), दलबीर सिंह (जालंधर), हरजिंदर कुमार (जालंधर), जसप्रीत सिंह (पटियाला) और विचित्र सिंह (होशियारपुर) शामिल हैं। क्षेत्र में बढ़े अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण कई अन्य विदेशी नागरिकों की तरह पंजाब के ये युवक भी वहां बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे थे और लंबे समय से अपने घर लौटने की राह देख रहे थे। खालसा एड और तरनजीत सिंह संधू के प्रयास लाए रंग
वतन लौटने की कोशिशों में आ रही रुकावटों के बाद युवकों ने अपनी परेशानी साझा की, जिसके बाद खालसा एड ने तुरंत मोर्चा संभाला। जसप्रीत सिंह दाहिया ने बताया कि संस्था के प्रमुख रवि सिंह से जानकारी मिलते ही उन्होंने बिना समय गंवाए भारत सरकार के पूर्व विदेश सचिव और वर्तमान राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू से संपर्क साधा। तरनजीत सिंह संधू के विशेष सहयोग से भारत सरकार और बेरुत स्थित भारतीय दूतावास के बीच तुरंत आवश्यक तालमेल स्थापित किया गया, जिससे युवाओं की वापसी का रास्ता साफ हुआ। अपनों से मिलकर भावुक हुए युवक, जताया आभार
सुरक्षित भारत पहुंचने के बाद सभी युवकों और उनके परिवारों की आंखें खुशी से छलक उठीं। उन्होंने खालसा एड, रवि सिंह, जसप्रीत सिंह दाहिया, भारतीय दूतावास और तरनजीत सिंह संधू का दिल से आभार व्यक्त किया। युवाओं ने कहा कि अगर सही समय पर ये प्रयास न किए जाते, तो शायद वे कभी अपने परिवारों से दोबारा नहीं मिल पाते। लेबनान के तनावपूर्ण माहौल में वे मानसिक रूप से टूट चुके थे और घर लौटने की उम्मीद खो रहे थे, लेकिन संस्था के सहयोग ने उनका हौसला बनाए रखा। संकट में सुरक्षा और नई उम्मीद देना ही हमारा मिशन: दाहिया
इस मौके पर जसप्रीत सिंह दाहिया ने खालसा एड के सेवा कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्था का मिशन केवल राहत सामग्री पहुंचाना नहीं है। हमारा मुख्य उद्देश्य संकट में फंसे इंसानों को सुरक्षा, सम्मान और एक नई उम्मीद देना है। आज खालसा एड दुनिया के 50 से अधिक देशों में बिना किसी भेदभाव के प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़, भूकंप और युद्ध जैसी विभीषिकाओं के बीच मानवता की सेवा में जुटी हुई है।



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