जालंधर के RTI एक्टिविस्ट की हत्या: LPU के पास सिर में गोली मारी, लाश के पास पिस्टल-2 मोबाइल मिले; ममेरा भाई गिरफ्तार – Jalandhar News

जालंधर के RTI एक्टिविस्ट की हत्या:  LPU के पास सिर में गोली मारी, लाश के पास पिस्टल-2 मोबाइल मिले; ममेरा भाई गिरफ्तार – Jalandhar News




जालंधर के चर्चित RTI एक्टिविस्ट व एडवोकेट सिमरनजीत सिंह की शनिवार दोपहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनके मामा के लड़के ने उन पर फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के लॉ गेट के पास हमला किया। वारदात करीब सुबह 8 से 10 बजे के बीच हुई। सिमरनजीत के सिर पर गोली लगी, जिसके बाद वह वहीं जमीन पर गिर पड़े। हालांकि सिमरनजीत ने भी अपना लाइसेंसी पिस्टल निकालकर हमलावरों का मुकाबला करने की कोशिश की लेकिन वह गोली चलाते, इससे पहले ही उन्हें गोली लग गई। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला ने बताया कि हमले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। वहां सिमरनजीत की लाश पड़ी थी। लाश के पास ही 1 पिस्टल, 2 मोबाइल और उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी बरामद हुई है। इसके अलावा एक खोल बरामद हुआ। पुलिस सोर्सेज के मुताबिक, RTI एक्टिविस्ट को सुरक्षा के लिए गनमैन मिला हुआ था, वारदात के वक्त वह साथ नहीं था। पुलिस ने सिमरनजीत के ही ममरे भाई शरणदीप को फगवाड़ा बाईपास से गिरफ्तार कर लिया है, दोनों के बीच पैसों के लेनदेन का विवाद था। जानिए, कैसे हुई RTI एक्टिविस्ट की हत्या:- पुलिस ने परिवार को मीडिया से बात करने से रोका
इस मामले में कपूरथला पुलिस ने सिमरनजीत के परिवार को मीडिया से बात करने से रोक दिया। हालांकि औपचारिक तौर पर पुलिस ने कहा कि मीडिया उनसे बात कर सकती है लेकिन परिवार के लोगों ने ऑफ कैमरा कहा कि पुलिस ने उन्हें मीडिया को कुछ भी बताने से इनकार किया है। बेअदबी कानून को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी
RTI एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह जालंधर में प्रभावशाली लोगों से जुड़ी गड़बड़ियों को उजागर करते थे। इसके अलावा पंजाब की AAP सरकार के हाल ही में बनाए बेअदबी कानून को भी उन्होंने चुनौती दी थी। इसमें सिमरनजीत का तर्क था कि यह सिर्फ सिखों के लिए बनाया गया है, इसमें हिंदू, मुस्लिम और ईसाई धर्म के धर्मग्रंथों को शामिल नहीं किया गया है। इस वजह से ये कानून संविधान की मूलभावना के खिलाफ है। इस मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई की तारीख भी तय कर दी थी। पिछले साल भी हुआ था हमला, बाल-बाल बचे थे सिमरनजीत
आरटीआई (RTI) एक्टिविस्ट और एडवोकेट सिमरनजीत सिंह पर पिछले साल (जून 2025 में) भी एक जानलेवा हमला हुआ था। उस समय वह जालंधर में एक जिम से बाहर निकल रहे थे, तब उन पर गोलियां चलाई गई थीं। उस वक्त किस्मत अच्छी थी कि हमलावर का हथियार जाम (मिसफायर) हो गया और सिमरनजीत सिंह बाल-बाल बच गए थे। उस हमले की जिम्मेदारी विदेश में बैठे एक गैंगस्टर जोगराज सिंह उर्फ जोगा फोलड़ीवाल ने ली थी।



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