धर्मेंद्र प्रधान बोले- बच्चों की आकांक्षाएं पद से ज्यादा जरूरी: पीएम से चर्चा के बाद इस्तीफा दिया; Gen Z को भटकाने की कोशिश हुई
16 मिनट पहले
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देश के पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान Gen Z को भटकाने की कोशिश की गई थी।
भुवनेश्वर की GM यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रधान ने अपने इस्तीफे पर पहली बार खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से मिलकर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी।
उन्होंने कहा, “भारत में हर साल कम से कम 2 करोड़ बच्चे पैदा होते हैं। पिछले 10 साल में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं। उनकी आकांक्षाएं हैं और वे भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाएंगे। मेरे लिए मंत्री पद महत्वपूर्ण नहीं था।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के 35 दिन बाद प्रधान ने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।

प्रधान के बयान की प्रमुख बातें…
नवीन पटनायक पर निशाना साधा- प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि BJD कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और उनके नारे लगाए जाने से वे परेशान नहीं हैं।
उन्होंने कहा, “मैं किसान का बेटा हूं। आप मुझे वापस जाने के लिए कहेंगे, तब भी मैं वापस आऊंगा।”

उन्होंने कहा, “मैंने ओडिशा के 4.5 करोड़ लोगों का सिर कभी शर्म से नहीं झुकने दिया। जब तक मैं जिंदा हूं, तब तक मुझ पर जताए गए भरोसे को नहीं तोड़ूंगा और ऐसा कोई काम नहीं करूंगा, जिससे ओडिशा के गौरव और स्वाभिमान को ठेस पहुंचे।”
भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से मंत्री बना- प्रधान ने कहा कि वह 12 साल पहले भगवान जगन्नाथ और संबलपुर की आराध्य देवी मां समलेश्वरी के आशीर्वाद से केंद्रीय मंत्री बने थे।
पीएम की मंजूरी के बाद इस्तीफा- प्रधान ने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और प्रदर्शनकारियों की मांगें मानने के लिए उनकी मंजूरी मांगी। प्रधानमंत्री सहमत हुए और बाद में युवाओं से बातचीत भी की। फिर मैंने इस्तीफा दिया।”
नई पीढ़ी को गुमराह करने की कोशिश हुई- प्रधान ने कहा, “हाल में हुई घटनाओं से पता चलता है कि कुछ लोगों ने जेन जी को गुमराह करने की कोशिश की। जेन जी कौन हैं? मेरा मानना है कि वे हमारे अपने हैं। यह कभी मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का सवाल नहीं था।”

कभी पेपर लीक के खिलाफ सड़क पर उतरे थे धर्मेंद्र, उसी मुद्दे पर इस्तीफा

1997 में पेपर लीक प्रदर्शन में धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल हुए थे। उनको बुरी तरह पीटा गया था। चेहरे पर चोटें भी आईं थीं। -फोटो क्रेडिट:TNIE
29 साल पहले पेपर लीक मुद्दे पर धर्मेन्द्र प्रधान ने भी विरोध प्रदर्शन किया था। प्रधान के सहयोगी रहे प्रशांत राउत ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि 1997 में ओडिशा में एक पेपर लीक हुआ था, तब प्रधान ने प्रदर्शन किया था। इसमें करीब 1,500 छात्र शामिल हुए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया था। धर्मेंद्र प्रधान को बुरी तरह पीटा गया था। उनके शरीर में कई जगह चोटें आईं और फ्रैक्चर भी हुआ था।



