पठानकोट में नरेगा कर्मचारियों का धरना 17वें दिन जारी: सरकार पर वादाखिलाफी और नियमित न करने का आरोप, 23 को वित्त मंत्री के कार्यालय का घेराव – Pathankot News
पठानकोट में नरेगा कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पिछले 17 दिनों से धरने पर हैं। पंचायत विभाग की अफसरशाही और सरकार की कथित वादाखिलाफी के विरोध में कर्मचारी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। नरेगा यूनियन के अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि 15 से 18 वर्षों की सेवा के बावजूद सरकार कर्मचारियों को नियमित नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 1 जून को पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद और 10 जून को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ हुई बैठकों में कर्मचारियों को नियमित करने की मांग स्वीकार कर ली गई थी। इसके बावजूद, 16 जून को हुई बैठक में यूनियन नेताओं पर हड़ताल समाप्त करने का दबाव बनाया गया और उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। पहले की सरकारों ने भी की थी वादा खिलाफी राजेश कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा सरकारों ने भी वर्ष 2011, 2015, 2016, 2019 और 2021 में कर्मचारियों के साथ इसी तरह की वादाखिलाफी की थी। उन्होंने बताया कि 13 मार्च 2025 को वित्त सचिव अजीत बालाजी जोशी ने तीन महीने के भीतर कर्मचारियों को नियमित करने का आश्वासन दिया था, जो पूरा नहीं हुआ।
23 को वित्त मंत्री के कार्यालय का करेंगे घेराव स्टेट कमेटी के निर्णय के अनुसार, कर्मचारी 23 जून को दिड़बा मंडी में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के कार्यालय का घेराव करेंगे। इस पंजाब स्तरीय रैली में प्रत्येक गांव से 50 से अधिक सरपंच, पंच, नरेगा मेट, मजदूर और श्रमिक नेताओं को शामिल होने का आह्वान किया गया है। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो आने वाले दिनों में सरकारी जनसभाओं, विधायकों और मंत्रियों का भी घेराव किया जाएगा। इस अवसर पर सनी कुमार, हरमीत सिंह, सविता सैनी, जगवीर सिंह, आशु बाला, अरुण सिंह और अमित कुमार सहित अन्य कर्मचारी नेता उपस्थित थे।
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