तमिलनाडु की सीफूड फैक्ट्री में गैस रिसाव, 7 की मौत: 65 से ज्यादा घायल, 9 वेंटिलेटर पर; मरने वालों में सभी महिलाएं
चैन्नई3 मिनट पहले
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तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में रविवार को एक सीफूड एक्सपोर्ट फैक्ट्री में अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। PTI की रिपोर्ट के अनुसार हादसे में 7 महिला कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 67 घायल हैं। घायलों में भी 9 वेंटिलेटर पर हैं। गैस रिसाव की घटना सेंट पीटर्स पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स यूनिट में हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही अरक्कोनम स्थित NDRF की चौथी बटालियन मुख्यालय से 30 सदस्यों वाली NDRF की टीम को मौके पर भेजा गया। हालात के मद्देनजर NDRF टीम गैस डिटेक्शन डिवाइस, रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल एवं परमाणु (CBRN) आपदा से निपटने वाले विशेष उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची।
9 मरीजों को चैन्नई रेफर किया गया जिला कलेक्टर एस. कविता ने बताया कि 46 मरीजों को वेल्स हॉस्पिटल और 21 मरीजों को वेंकटेश्वरा हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है। इनमें से नौ गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए एम्बुलेंस के जरिए चेन्नई के सरकारी स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है।
हादसे का शिकार हुई अधिकांश कर्मचारी 24 से 25 वर्ष की युवा महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों की नाड़ी और रक्तचाप की निगरानी की जा रही है। हालांकि कई मरीजों का ब्लड प्रेशर कम है, लेकिन उनकी कम उम्र को देखते हुए उनके स्वस्थ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
तेज और तीखी गंध वाली खतरनाक गैस है अमोनिया
अमोनिया (Ammonia – NH₃) एक रंगहीन लेकिन बहुत तेज और तीखी गंध वाली गैस है। यह उद्योगों, कोल्ड स्टोरेज, उर्वरक (फर्टिलाइजर) कारखानों और रेफ्रिजरेशन सिस्टम में व्यापक रूप से इस्तेमाल होती है। फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाती है कम मात्रा में गैस निकलने पर लोगों को आंखों में जलन, नाक और गले में खुजली या जलन, खांसी, सांस लेने में परेशानी होती है। अधिक मात्रा में गैस रिसाव के कारण फेफड़ों को गंभीर नुकसान होता है। सांस रुकने की स्थिति बन जाती है। फेफड़ों में पानी भर जाता है। ज्यादा देर तक संपर्क में रहने से बेहोशी और मौत तक हो सकती है। शरीर के नम हिस्सों में जलन पैदा करती है अमोनिया पानी में आसानी से घुल जाती है। इसलिए यह शरीर के नम हिस्सों (आंख, नाक, गला, फेफड़े) के संपर्क में आकर रासायनिक जलन पैदा करती है।


