मलेरकोटला कांग्रेस में अब और बढ़ी रार: पूर्व विधायक जस्सी खंगूड़ा व मोहम्मद मुस्तफा आमने-सामने, बागी नेताओं पर कार्रवाई की तैयारी – Malerkotla News
मलेरकोटला कांग्रेस में अंदरूनी कलह और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। पूर्व विधायक जसबीर सिंह जस्सी खंगूड़ा ने हाल ही में अपने समर्थकों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा पर जोरदार निशाना साधा था। खंगूड़ा ने कांग्रेस हाईकमान से मलेरकोटला विधानसभा हलके से टिकट बदलने की मांग करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान उनके साथ कई ऐसे पुराने कांग्रेसी नेता भी मौजूद रहे, जिन्हें कभी ‘मलेरकोटला हाउस’ का बेहद करीबी और वफादार माना जाता था। जिलाध्यक्ष बीबा निशात अख्तर का पलटवार, निजी स्वार्थ और पार्टी विरोधी गतिविधियों के लगाए आरोप जस्सी खंगूड़ा के आरोपों के जवाब में मलेरकोटला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष बीबा निशात अख्तर ने मलेरकोटला हाउस में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो नेता कभी उनके करीब रहकर जिलाध्यक्ष जैसे पदों पर काबिज थे, उन्होंने केवल अपने व्यक्तिगत लाभ उठाए। जब पार्टी ने उन्हें दोबारा अध्यक्ष पद नहीं दिया, तो वे विरोध पर उतर आए। उन्होंने आगे कहा कि इन नेताओं ने अपने-अपने गांवों में कांग्रेस को कमजोर करने का काम किया है और अब वे उन पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
मोहम्मद मुस्तफा की खंगूड़ा को नसीहत, कहा— “मेरे नहीं, अपने बचाव का इंतजाम करें” पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा ने पूर्व विधायक जस्सी खंगूड़ा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि खंगूड़ा को बस इस बात का मलाल है कि उन्हें (मुस्तफा को) पहले गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। मुस्तफा ने तंज कसते हुए खंगूड़ा को सलाह दी कि वे दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपनी गिरफ्तारी से बचने का इंतजाम करें, क्योंकि वे खुद कई जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। इसके साथ ही अपने बागी हुए पुराने सहयोगियों पर रुख कड़ा करते हुए मुस्तफा ने साफ कर दिया कि ऐसे नेताओं के लिए ‘मलेरकोटला हाउस’ के दरवाजे अब हमेशा-हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं। बागी नेताओं पर गिरेगी गाज, जिलाध्यक्ष करेंगी पार्टी से निष्कासन की सिफारिश मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष बीबा निशात अख्तर ने ऐलान किया कि वे पार्टी हाईकमान को पत्र लिखकर सिफारिश करेंगी कि जसपाल दास समेत पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल कई नेताओं को कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखाया जाए। इस पलटवार के बाद मलेरकोटला की स्थानीय राजनीति और कांग्रेस के भीतर का माहौल पूरी तरह गरमा गया है।
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