मोगा पुलिस ने 9 मामले दर्ज कर 17 आरोपी पकड़े: अभियान के दौरान 1 किलो हेरोइन, भारी मात्रा में नशीली गोलियां और अवैध शराब बरामद – Moga News
मोगा जिला पुलिस ने नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। सब-डिवीजन निहाल सिंह वाला पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक ही सप्ताह (11 से 17 जून 2026) के भीतर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 9 एनडीपीएस (NDPS) मामलों में 17 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में हेरोइन, नशीली गोलियां और अवैध शराब बरामद की है। मोगा के एसएसपी सरताज सिंह चहल ने बताया कि जिले में “युद्ध नशों के विरुद्ध” और “पिंडां दे पहरेदार” मुहिम युद्ध स्तर पर चलाई जा रही है। इसी के तहत पुलिस टीमों ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी और नाकेबंदी कर कुल 9 मुकदमे दर्ज किए और 17 नशा तस्करों को दबोच लिया। इनसे भारी मात्रा नें हेरोइन, नशे की गोलियां, शराब आदि बरामद हो गया। 3 युवाओं को भेजा नशा मुक्ति केंद्र एसएसपी चहल ने पुलिस के मानवीय और सुधारात्मक पक्ष को उजागर करते हुए बताया कि इस विशेष कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन ऐसे युवाओं की भी पहचान की, जो दलदल में फंस चुके थे लेकिन अब नशा छोड़ना चाहते थे। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें तुरंत उपचार और पुनर्वास (Rehabilitation) के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया ताकि वे मुख्यधारा में लौट सकें। इसके अलावा, पुलिस ने थाना अजीतवाल में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मुकदमा संख्या 104/2026 के तहत एक अन्य वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया। इसी थाने में दर्ज एक अन्य गंभीर आपराधिक मामले में भी तत्परता दिखाते हुए दो और आरोपियों को दबोचने में सफलता पाई है। क्या क्या हुआ बरामद हेरोइन: 1 किलोग्राम 172 ग्राम नशीली गोलियां: 300 गोलियां शराब: 22 बोतलें ‘हीरो सॉफी पंजाब’ और 28 बोतलें अवैध देसी शराब 18 गांवों और शहरों में जागरूकता बैठकें, जनता से सहयोग की अपील नशे की मांग (Demand) को जमीनी स्तर पर खत्म करने के लिए मोगा पुलिस पंचायतों, स्थानीय खेल क्लबों और समाज के गणमान्य व्यक्तियों के साथ मिलकर लगातार बैठकें कर रही है। एसएसपी सरताज सिंह चहल ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में जिले के 18 गांवों और शहरी इलाकों में विशेष जागरूकता बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में युवाओं को नशे के घातक दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही आम जनता को प्रेरित किया गया कि वे बिना किसी डर के नशा तस्करों और संदिग्ध तत्वों की जानकारी सीधे पुलिस को दें, ताकि उनकी पहचान गुप्त रखकर तस्करों पर नकेल कसी जा सके।
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