मोदी की सलाह- सोशल मीडिया इस्तेमाल में सावधानी बरतें: BJP में शामिल हुए सांसदों से कहा, संसद में चिल्लाने या गुस्से में बोलने की जरूरत नहीं




PM नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने आवास पर बीजेपी के करीब 37 नवनिर्वाचित और अन्य दलों से आए राज्यसभा सांसदों के साथ नाश्ते पर चर्चा की। इस बैठक में आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस से हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए नेता भी मौजूद थे। पीएम ने सांसदों को राजनीतिक दर्शन, संसदीय नैतिकता और व्यक्तिगत आचरण के बारे में मार्गदर्शन दिया। सूत्रों के मुताबिक, यह बातचीत काफी सौहार्दपूर्ण रही, जिसमें पीएम ने सांसदों के सवालों के जवाब भी दिए। पीएम ने सांसदों को दिल्ली के राजनीतिक दायरे से बाहर निकलने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वे केवल लुटियंस दिल्ली तक ही सीमित न रहें। लेटरहेड और सोशल मीडिया पर सावधानी बरतें पीएम मोदी ने सांसदों को आगाह किया कि वे दिल्ली में किससे मिल रहे हैं और किसके साथ बैठ रहे हैं, इसका ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि लेटरहेड का इस्तेमाल और अपना आचरण बहुत सावधानी से करें। सोशल मीडिया और टीवी पर भी उन्होंने सांसदों को बहुत सतर्क रहने की सलाह दी। पीएम ने कहा कि टीवी पर कोई भी गलत बात न कहें और हर समय पूरी गरिमा बनाए रखें। उन्होंने सांसदों से फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहने, युवाओं से जुड़ने और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को उजागर करने को कहा। साथ ही, युवाओं को खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने का भी सुझाव दिया। संसद में गरिमा और संयम जरूरी संसदीय बहस के दौरान होने वाली तनातनी पर पीएम ने कहा कि सदन के अंदर की चिंता को बाहर न ले जाएं। उन्होंने कहा कि सदन का माहौल कभी-कभी तनावपूर्ण हो सकता है, लेकिन आपको इसे अपने साथ नहीं ले जाना चाहिए। चिल्लाने या गुस्से में बोलने की जरूरत नहीं है। आप सभी पार्टी की लाइन जानते हैं, इसलिए हर मुद्दे पर अपनी बात शांति से रखें। पीएम ने सांसदों को सलाह दी कि वे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों को जानें। उन्होंने कहा कि आपको पता होना चाहिए कि सदन में आपके साथी कौन हैं। उन्होंने सांसदों को संसद की लाइब्रेरी में हर दिन कम से कम एक या दो घंटे बिताने के लिए भी प्रोत्साहित किया। योग और समय प्रबंधन का मंत्र जब सांसदों ने पीएम से उनके व्यस्त शेड्यूल और जिम्मेदारियों को संभालने का राज पूछा, तो उन्होंने कहा, “मैं वर्तमान में जीता हूं। अभी मैं आप सभी से बात कर रहा हूं, तो मैं सिर्फ यहीं हूं।” उन्होंने सांसदों को सलाह दी कि वे वर्तमान में रहें और देश के बेहतर भविष्य के लिए काम करें। पीएम ने अपनी दिनचर्या साझा करते हुए कहा, “मैं केवल 3.5 घंटे सोता हूं, लेकिन हमेशा योग करता हूं, जो मुझे ठीक से काम करने में मदद करता है। आप सभी को स्वस्थ जीवन शैली अपनानी चाहिए और रोजाना योग करना चाहिए।” सांसदों ने साझा किए अनुभव बैठक के बाद बीजेपी सांसद अशोक मित्तल ने बताया कि पीएम ने युवाओं से जुड़ने के लिए उन्हें ध्यान से सुनने और विनम्रता से बात करने की सलाह दी। सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि पीएम ने संसद को गंभीरता से लेने और इसे सुचारू रूप से चलाने पर जोर दिया। बीजेपी सांसद राहुल सिन्हा ने कहा कि पीएम ने हम सभी को सुना और महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। सांसद सुष्मिता देव ने बताया कि पीएम ने संसद को एक विश्वविद्यालय की तरह बताया, जहां नेताओं को एक-दूसरे से सीखना चाहिए। बीजेपी नेता तरुण चुघ ने कहा कि पीएम ने पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर सार्वजनिक जीवन में गरिमा बनाए रखने का पाठ पढ़ाया।



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