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- Diwali Will Be Lit With Lamps Of Service In Slums And Old Age Homes.
दीपावली सिर्फ दीयों का नहीं, बल्कि दिलों को रोशन करने का पर्व है। जब पूरा नगर जगमगाती रोशनी और पटाखों की गूंज में डूब जाता है, तब समाज का एक वर्ग ऐसा भी होता है जिसकी चौखट तक खुशियों की आबोहवा तक नहीं पहुंच पाती। किसी गरीब बच्चे की उम्मीद भरी आंखें और
इसी पीड़ा को समझकर नगर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं इस बार सेवा का दीया जलाने आगे आई हैं। कोई स्लम बस्तियों के मासूमों को मिठाइयां व पटाखे सौंप रहा है, तो कोई बेसहारा बुजुर्गों के साथ त्योहार का सुख बांट रहा है। इन संस्थाओं का एकमात्र संकल्प यही है कि इस पावन पर्व पर गरीबी के कारण किसी का घर अंधेरे में न रहे और हर कोई अपनेपन की गर्माहट महसूस करे और दिवाली मनाएं।
वुमेन वेलफेयर सोसाइटी बांटेंगी स्टेशनरी व फल प्रीत शहर स्थित ‘वुमेन वेलफेयर सोसाइटी’ की ओर से 6 नवंबर को दिवाली का पावन पर्व हर्षोल्लास और सेवा भावना के साथ मनाया जाएगा। सोसाइटी के मुख्य सदस्य संजीव ओबरॉय ने सूचना देते हुए जानकारी दी कि इस उपलक्ष्य में सरकारी प्राइमरी स्कूल, कीर्ति नगर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसी बीच स्कूली बच्चों को स्टेशनरी और ताजे फल वितरित किए जाएंगे। संजीव ओबरॉय ने कहा कि बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाकर त्योहार मनाने से बढ़कर कोई खुशी नहीं होती। सोसाइटी भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्यों में लगातार अग्रणी रहेगी।
शहीद अजीत सिंह नौजवान सोसाइटी बांटेंगी मिठाइयां ‘शहीद अजीत सिंह नौजवान सोसाइटी’ की ओर से जरूरतमंद बच्चों के साथ दिवाली का पर्व मनाया जाएगा। संस्था के प्रधान दीपक महेंद्रू ने बताया कि 7 नवंबर को आयोजित इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य समाज के वंचित वर्ग के साथ खुशियां बांटना है। इस अवसर पर संस्था बच्चों को मिठाइयां, पटाखे व अन्य खाद्य सामग्री वितरित करेगी। उन्होंने कहा कि त्योहारों पर समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना हमारी जिम्मेदारी है। हमें अपने बच्चों को भी ऐसे आयोजनों में अवश्य लाना चाहिए ताकि वे बचपन से ही समाज सेवा की सीख ले सकें।
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Source: Dianik Bhaskar







