हरियाणा के पंचकूला स्थित एक स्कूल में छात्र से मारपीट का दर्दनाक सीसीटीवी वीडियो वायरल होने के पश्चात पंजाब का तरनतारन प्रशासन भी पूरी तरह हरकत में आ गया है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिले के बाल संरक्षण महकमा ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए समस्त सरका

जिला बाल संरक्षण अफसर (DCPO) राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों की पहली जिम्मेदारी बच्चों को सुरक्षित, संवेदनशील और भयमुक्त माहौल उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि परिसरों में शारीरिक दंड (Physical Punishment), मानसिक उत्पीड़न, रैगिंग, बुलिंग या किसी भी तरह की हिंसा को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यदि स्कूल में हिंसा या दुर्व्यवहार की कोई घटना सामने आती है, तो प्रशासन ने उसके लिए तात्कालिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं:

विज्ञापनIn-Article Banner
  • सबसे पहले पीड़ित बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित कर उसे आवश्यकतानुसार फौरन चिकित्सीय मदद दी जाएगी।
  • परिजनों को तत्काल सूचित कर प्रकरण की निष्पक्ष जांच शुरू की जाएगी।
  • सीसीटीवी फुटेज और घटना से जुड़े समस्त सबूतों को फौरन सुरक्षित रखा जाएगा।
  • मानसिक आघात से उबारने हेतु जरूरत पड़ने पर पीड़ित बच्चे की पेशेवर मनोवैज्ञानिक से काउंसलिंग कराई जाएगी।

राजेश कुमार ने स्कूल प्रबंधकों को चेतावनी दी कि बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।

इसके अलावा, समस्त स्कूलों को विद्यार्थियों की शिकायत दर्ज करने हेतु परिसर में 'शिकायत पेटी' लगानी होगी और राष्ट्रीय चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 को स्कूल के प्रमुख स्थलों पर बड़े अक्षरों में प्रदर्शित करना होगा।

अधूरा नहीं! पढ़िए पूरा! पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर ऐप पर

Source: Dianik Bhaskar