पठानकोट में सेवा केंद्रों का कामकाज ठप: कर्मचारियों की हड़ताल से लोग परेशान; ठेका प्रणाली खत्म करने को लेकर प्रदर्शन जारी – Pathankot News

पठानकोट में सेवा केंद्रों का कामकाज ठप:  कर्मचारियों की हड़ताल से लोग परेशान; ठेका प्रणाली खत्म करने को लेकर प्रदर्शन जारी – Pathankot News




सेवा केंद्र मुलाजिम वेलफेयर एसोसिएशन जिला पठानकोट ने लंबित मांगों को लेकर शुरू की गई हड़ताल नौवें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने सेवा केंद्रों का कामकाज पूरी तरह ठप कर पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया और धरना दिया। वहीं, सेवा केंद्र में काम करवाने आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 10 साल से मात्र 10 हजार मासिक वेतन पर कर रहे काम धरने को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के नेताओं ने कहा कि सेवा केंद्र कर्मचारी पिछले करीब 10 वर्षों से मात्र 10 हजार रुपये मासिक वेतन पर कार्य कर रहे हैं। मौजूदा महंगाई के इस दौर में यह मामूली वेतन परिवार का पालन-पोषण करने के लिए बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं है। नेताओं ने जोर देकर कहा कि पंजाब के राजस्व में सेवा केंद्र कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान है, लेकिन इसके बावजूद उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। ठेकेदारी व्यवस्था और निजी कंपनियों पर फूटा गुस्सा कर्मचारियों ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदारी व्यवस्था के कारण पंजाब का पैसा निजी कंपनियों के पास जा रहा है। निजी कंपनियां समय पर वेतन नहीं देती हैं, जिससे कर्मचारियों को भारी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
चुनावों के दौरान आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित करने तथा वेतन बढ़ाने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगें कर्मचारियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगें हैं कि सेवा केंद्र परियोजना को पूरी तरह से पंजाब सरकार के अधीन लाया जाए और सभी कार्यरत कर्मचारियों को जल्द से जल्द नियमित (पक्का) किया जाए। उसके बावजूद सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है। करोड़ों आवेदनों का निपटारा करने के बावजूद अनदेखी एसोसिएशन नेताओं ने अपने काम का विवरण साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2018 से अब तक सेवा केंद्रों के माध्यम से 8.49 करोड़ से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है। इसके अलावा, अकेले एक वर्ष में 80.76 लाख तथा केवल वर्तमान माह में ही 13.66 लाख सेवाएं लोगों को प्रदान की गई हैं। इतने बड़े स्तर पर जनता की सेवा करने के बावजूद कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. ‘कलम छोड़ हड़ताल’ की दी चेतावनी कर्मचारियों ने पंजाब सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया गया, तो पूरे पंजाब में इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर राज्यभर में ‘कलम छोड़ हड़ताल’ भी शुरू की जा सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।



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