डॉक्टर की गैरहाजिरी में बेटे ने किया इलाज, इंजेक्शन लगते ही गई महिला की जान – Ludhiana News
भास्कर न्यूज | लुधियाना जब व्यवस्थाएं अंधी हो जाएं और चंद पैसों की हवस इंसानी जिंदगी पर भारी पड़ने लगे तो अस्पतालों की दहलीज ही श्मशान का रास्ता बन जाती है। महानगर के डिवीजन नंबर 2 इलाके में एक ऐसा ही रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे स्वास्थ्य महकमे की नींद उड़ा दी है। एक नामचीन क्लीनिक के मुख्य डॉक्टर की गैर-मौजूदगी में उनकी कुर्सी पर बैठे उनके रसूखदार लेकिन बिना डिग्री वाले बेटे मनजीत ने खुद को यमराज साबित कर दिया। मामूली घबराहट की शिकायत लेकर आई एक बेकसूर मां को आरोपी ने ऐसा संदिग्ध इंजेक्शन दिया कि महिला को संभलने तक का मौका नहीं मिला। 17 जुलाई, दोपहर को 45 वर्षीय रजनी को अचानक घर पर तेज घबराहट और बेचैनी महसूस हुई। घबराई बेटी अपनी मां को संभालते हुए मोहल्ले के ही डॉक्टर जगदीश के क्लीनिक लेकर भागी। उम्मीद थी कि प्राथमिक उपचार से मां ठीक हो जाएगी। क्लीनिक में मुख्य डॉक्टर जगदीश गायब थे। उनकी जगह मुख्य कुर्सी पर उनका बेटा मनजीत बैठा था, जिसके पास न तो कोई डॉक्टरी योग्यता थी और न ही कोई अनुभव। आरोपी मनजीत ने बिना किसी मेडिकल चेकअप, बीपी या पल्स जांचे, सीधे एक तेज असर वाला संदिग्ध इंजेक्शन निकाला और रजनी को लगा दिया। इंजेक्शन लगते ही रजनी का शरीर तड़पने लगा। पूरे बदन में तेज ऐंठन शुरू हो गई। बेटी आरोपी के सामने गिड़गिड़ाती रही, लेकिन बिना डिग्री के डॉक्टर बने मनजीत के हाथ-पांव फूल चुके थे। जब तक रजनी को किसी बड़े अस्पताल ले जाया जाता, उन्होंने बेटी की आंखों के सामने दम तोड़ दिया। {हंगामे के बाद जागी पुलिस: इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। क्लीनिक के बाहर शव को रखकर भारी हंगामा किया गया। माहौल बिगड़ता देख भारी पुलिस बल मौके पर पहुंची। थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। जांच अधिकारियों के मुताबिक मृतका की बेटी के बयानों के आधार पर आरोपी बेटे मनजीत के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि क्लीनिक वैध था या नहीं।
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