पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) के पीसीएस मेंस परीक्षा के रिजल्ट पर विवाद बढ़ता जा रहा है। स्टूडेंट्स अब भी रिजल्ट में धांधली की बात पर अड़े हैं, जबकि PPSC के चेयरमैन स्टूडेंट्स के आरोपों को सिरे से नकार चुके हैं।

स्टूडेंट्स पीसीएस की आगे की प्रक्रिया पर रोक लगाने हेतु पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।

उधर, स्टूडेंट्स ने PPSC को चेतावनी दी है कि जब तक उनके डाउट्स क्लियर नहीं होते तब तक इंटरव्यू प्रक्रिया को प्रारंभ न किया जाए, नहीं तो आयोग को विरोध का सामना करना पड़ेगा।

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स्टूडेंट्स ने अब PPSC और कोचिंग इंस्टीट्यूट्स पर मिलीभगत के इल्जाम लगाए हैं। स्टूडेंट्स का कहना है कि कोचिंग इंस्टीट्यूट्स के पास एग्जाम प्रोसेस व आंसर-शीट चेकिंग प्रोसेस की पल-पल की खबर थी। जिससे साफ है कि परीक्षाओं में गड़बड़ी जरूर हुई है।

कोचिंग इंस्टीट्यूट्स पर लगाए स्टूडेंट्स ने संगीन इल्जाम, जानिए..

  • मिलीभगत से हो रही धांधली: स्टूडेंट शेफाली शर्मा का कहना है कि कुछ कोचिंग इंस्टीट्यूट रिजल्ट का विरोध कर रहे स्टूडेंट्स के खिलाफ जाकर PPSC का समर्थन कर रहे हैं। उनका इल्जाम है कि कोचिंग इंस्टीट्यूट्स और PPSC की मिलीभगत सामने आ रही है। उनका कहना है कि ऐसे कई सबूत स्टूडेंट्स के हाथ लगे हैं, जिससे यह साबित होता है।
  • पेपर चेक कौन कर रहा यह भी पता था: शेफाली शर्मा का कहना है कि कोचिंग इंस्टीट्यूट्स को यह भी पता था कि मेंस एग्जाम के पेपर कौन चेक कर रहा है। उनका कहना है कि एक इंस्टीट्यूट संचालक का वीडियो सामने आया है, जो क्लासरूम में स्टूडेंट्स से कह रहा है कि अभी उनके पेपर ही चेक नहीं हुए हैं, इसलिए रिजल्ट देरी से आएगा। उसी में वह कह रहा है कि पेपर उसके दोस्त के पास चेकिंग हेतु आए हैं।
  • रिजल्ट आने से पहले इंस्टीट्यूट को पता था: शेफाली शर्मा का कहना है कि स्टूडेंट्स काफी समय से पीसीएस मेंस रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे। कई बार PPSC दफ्तर से पता किया मगर उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई, जबकि कुछ कोचिंग इंस्टीट्यूट्स रिजल्ट आने की मिनट-टू-मिनट जानकारी दे रहे थे। कोचिंग इंस्टीट्यूट्स ने स्टूडेंट्स के साथ रिजल्ट के संबंध में जो चैटिंग की है, वह उनके पास उपलब्ध है और उसे वे अदालत में भी पेश करेंगे।
  • अचानक PPSC के पक्ष में उतरे: शेफाली शर्मा का कहना है कि स्टूडेंट्स PPSC की कारगुजारी पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कोचिंग इंस्टीट्यूट्स को चाहिए था कि वे स्टूडेंट्स के पक्ष में खड़े होते, क्योंकि ज्यादातर स्टूडेंट्स उन्हीं कोचिंग इंस्टीट्यूट्स में मोटी फीस भरकर पढ़े हैं। कोचिंग इंस्टीट्यूट्स स्टूडेंट्स का साथ देने के बजाए PPSC के पक्ष में खड़े हो गए।
  • इंस्टीट्यूट और PPSC की भी हो सीबीआई जांच: स्टूडेंट्स का कहना है कि PPSC और कुछ इंस्टीट्यूट्स की मिलीभगत का अंदेशा है। ऐसे में दोनों की मिलीभगत की सीबीआई छानबीन होनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि इंस्टीट्यूट्स के पास पेपर चेकिंग व रिजल्ट आने की पूर्व सूचना कहां से मिली।

याचिका का ड्राफ्ट तैयार

पीसीएस परीक्षा में भाग लेने वाली शेफाली शर्मा ने बताया कि पीसीएस मेंस रिजल्ट के खिलाफ पंजाब तथा हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करने हेतु एडवोकेट्स की टीम ने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। एडवोकेट अर्जेंट बेसिस पर इस याचिका को जल्द ही दायर कर देंगे।

इंटरव्यू प्रक्रिया पर रोक लगे

शेफाली शर्मा का कहना है कि PPSC ने 11 नवंबर से 17 नवंबर तक इंटरव्यू रखे हैं। सिलेक्टेड स्टूडेंट्स को इंटरव्यू हेतु कॉल कर दिया है। उन्होंने बताया कि संघर्ष कर रहे स्टूडेंट्स का मकसद इस वक्त इंटरव्यू प्रक्रिया को रुकवाना है। उनका कहना है कि स्टूडेंट्स ने PPSC के चेयरमैन से साफ कह दिया कि जब तक उनके डाउट्स क्लियर नहीं होते तब तक इंटरव्यू न करवाए जाएं। अगर ऐसा किया तो स्टूडेंट्स संघर्ष करने हेतु मजबूर हो जाएंगे।

स्टूडेंट्स बोले- PPSC के चेयरमैन के तर्क मंजूर नहीं

कुछ स्टूडेंट्स Patiala स्थित PPSC चेयरमैन दफ्तर के बाहर जुटे। स्टूडेंट्स का कहना है कि रिजल्ट में काफी सारी अनियमितताएं पाई गई हैं। उनका कहना है कि PPSC के चेयरमैन ने जो तर्क दिए हैं, वे उन्हें मंजूर नहीं हैं। उनका कहना है कि परीक्षा से लेकर मार्किंग तक में खामियां हैं, जिसकी वजह से रिजल्ट इस प्रकार सामने आया है। स्टूडेंट्स का कहना है कि PPSC ने एग्जाम कंडक्ट करवाने में सात महीने का वक्त लिया है, फिर भी इस प्रकार की खामियां सामने आई हैं।

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