मोहाली के खरड़ में एक फ्लैट से क्रिकेट मैचों पर सट्टेबाजी का रैकेट चलाने, मीडिया के फर्जी पहचान पत्र और अवैध शराब बरामद होने के आरोप में अरेस्ट किए लोगों को जिला कोर्ट जमानत मिल गई है। कोर्ट ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ जमानत दी है। साथ ही प्रत्येक आर

कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि आरोपियों ने धोखाधड़ी या जालसाजी का अपराध किया है या नहीं, यह ट्रायल के बीच साक्ष्यों के आधार पर तय होगा। फिलहाल आरोपियों को लगातार हिरासत में रखना उचित नहीं है, क्योंकि प्रकरण की जांच पूरी होने और मुकदमे की सुनवाई में लंबा वक्त लग सकता है।

कोर्ट ने चार पाइंट को आधार मानकर जमानत दी :-

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1. अपराध साबित होना ट्रायल का विषय

कोर्ट सुनवाई के दौरान बताया कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप सही हैं या नहीं, इसका निर्णय मुकदमे की सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर होगा।

2. पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, पांचों आरोपियों राजेश कुमार, योगेश कुमार, सुभाष, विकास और निरंजन के खिलाफ पहले से कोई अन्य आपराधिक केस दर्ज नहीं है।

3. लंबे वक्त तक हिरासत में रखने का औचित्य नहीं

अभियुक्त 30 सितंबर 2026 से न्यायिक हिरासत में हैं। कोर्ट ने माना कि पड़ताल और ट्रायल पूरा होने में काफी समय लग सकता है। ऐसे में उन्हें लगातार जेल में रखना उचित नहीं होगा।

4. बचाव पक्ष ने फर्जी आईडी के इल्जाम को नकारा

बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि प्रमुख आरोपी अपना वेब चैनल चलाता था और उसके पास उसी चैनल का वैध पहचान पत्र था। कोई फर्जी पहचान पत्र नहीं बनाया गया था।

ऐसे किए थे अरेस्ट 30 सितंबर 2026 को खरड़ सिटी पुलिस (एसएएस नगर) को गुप्त जानकारी मिली थी कि खरड़ के एक सोसाइटी के फ्लैट के ग्राउंड फ्लोर पर कुछ लोग क्रिकेट मैचों पर अवैध सट्टेबाजी का रैकेट चला रहे हैं और लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास विभिन्न विभागों और प्रेस (मीडिया) के फर्जी पहचान पत्र भी थे। इसके अतिरिक्त मौके से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद होने का दावा किया गया था। पांच आरोपियों राजेश कुमार (निवासी खरड़) और योगेश कुमार, सुभाष, विकास व निरंजन (समस्त निवासी राजस्थान) को गिरफ्तार किया था।

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