भास्कर न्यूज | अमृतसर सावन कृपाल रूहानी मिशन की फतेहगढ़ चूड़ियां रोड बाईपास स्थित सोहियां कलां शाखा राजिंदर आश्रम में सत्संग आयोजित किया गया। इसमें भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के अलावा वे भाई-बहन भी विशेष तौर से आमंत्रित थे, जिन्हें संत राजिंद

इस राजिंदर आश्रम का उद्घाटन संत राजिंदर सिंह ने अपनी इसी यात्रा के बीच किया था। आध्यात्मिक सत्संग में संत राजिंदर सिंह का वीडियो सत्संग प्रसारित किया गया, जिसमें उन्होंने समझाया कि जब हम किसी पूर्ण गुरु के पास जाकर दीक्षा लेकर नियमित ध्यान-अभ्यास करते हैं, तो इससे तनाव कम होता है और कम नींद की जरूरत पड़ती है। इसका अभ्यास करने से आलस और थकान नहीं होती, बल्कि सारा दिन तंदुरुस्ती महसूस होती है।

उन्होंने बताया कि ध्यान-अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है। इससे दफ्तर के काम या पढ़ाई-लिखाई जैसे काम कम समय में अधिक कुशलता से पूरे हो जाते हैं। इतिहास गवाह है कि जिन लोगों ने विभिन्न क्षेत्रों में महान कार्य किए, उन्होंने वक्त का नियमित सदुपयोग किया। ऐसा ही रूहानियत के क्षेत्र में भी है।

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अगर हम ध्यान-अभ्यास को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लें, तो निश्चित रूप से सफल हो सकते हैं। अंत में उन्होंने कहा कि ध्यान-अभ्यास का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके जरिए हम अपने भीतर प्रभु की ज्योति व श्रुति का अनुभव करते हैं और मनुष्य जीवन का ध्येय पूरा होता है। सत्संग के उपरांत संगत को ध्यान-अभ्यास की मीटिंग पर बिठाया गया और लंगर बरताया गया।

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