चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) की प्रोपर्टीज को खरीदार नहीं मिल रहे हैं। कॉमर्शियल प्रॉपर्टी की लगातार दूसरी नीलामी खाली जाने और आवासीय प्रोपर्टीज में भी बेहद कम बोली आने के पश्चात बोर्ड अब अपनी रणनीति बदलने की तैयारी कर रहा है। नगर में खाली पड़ी आवासीय प्

CHB के CEO डी. कार्तिकेयन के मुताबिक, फ्रीहोल्ड रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की ई-नीलामी हेतु जल्द नवीन रोस्टर जारी किया जाएगा। सर्वे के आधार पर बोर्ड यह तय करेगा कि किन प्रोपर्टीज को किस प्रकार नीलामी में शामिल करना है।

91 प्रोपर्टीज नीलामी में रखीं, केवल 2 बिकीं

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28 अक्टूबर को हुई ई-नीलामी में CHB ने 79 कॉमर्शियल और 12 आवासीय प्रोपर्टीज बिक्री हेतु रखी थीं। इनमें से केवल दो आवासीय प्रोपर्टीज को खरीदार मिले। इनकी बिक्री से बोर्ड को 3.74 करोड़ रुपये मिले। बाकी 10 आवासीय प्रोपर्टीज भी नहीं बिक सकीं, जबकि 79 कॉमर्शियल प्रोपर्टीज हेतु एक भी बोली नहीं आई।

कॉमर्शियल प्रोपर्टीज में मनीमाजरा के 57 बूथ, सेक्टर-40ए के पांच सर्विस बूथ, सेक्टर-61 कजहेड़ी की 16 बे-शॉप और मनीमाजरा की एक रेस्टोरेंट साइट शामिल थी। ये समस्त संपत्तियां लीजहोल्ड आधार पर नीलामी हेतु रखी गई थीं।

आवासीय प्रोपर्टीज में भी खरीदारों की कमी

आवासीय संपत्तियों की नीलामी में भी बाजार की प्रतिक्रिया कमजोर रही है। मनीमाजरा की इंदिरा कॉलोनी, मॉडर्न हाउसिंग कॉम्प्लेक्स और सेक्टर-46 की संपत्तियों में से केवल दो ही बिक सकीं। इससे पहले अगस्त में 14 आवासीय संपत्तियों की नीलामी की गई थी, मगर तब भी सिर्फ दो फ्लैट ही बिक पाए थे।

अब बोर्ड सर्वे के जरिए यह समझने की कोशिश करेगा कि किन संपत्तियों की मांग है और किनकी कीमत या लोकेशन खरीदारों हेतु आकर्षक नहीं है।

अगस्त में भी 79 कॉमर्शियल संपत्तियों पर नहीं आई थी बोली

कॉमर्शियल संपत्तियों की नीलामी लगातार दूसरी बार खाली गई है। इससे पहले अगस्त में भी 79 कॉमर्शियल प्रॉपर्टी बिक्री हेतु रखी गई थीं, किंतु किसी भी संपत्ति पर बोली नहीं आई थी।

विशेषज्ञों के अनुसार, लीजहोल्ड की शर्तें, ऊंची रिजर्व प्राइस, GST और संपत्ति को गिरवी रखकर लोन लेने में आने वाली दिक्कतें खरीदारों की रुचि कम कर रही हैं। ऐसे में CHB के सामने संपत्तियों की कीमत और बाजार की मांग के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है।

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