CBSE 12वीं की वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की अंतिम तारीख बढ़ी: अब स्टूडेंट्स 7 जून तक अप्लाई कर सकेंगे; पोर्टल पर साइबर अटैक मामले में FIR दर्ज
नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले
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CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षा की आंसर शीट के वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 6 जून से बढ़ाकर 7 जून कर दी है। बोर्ड के मुताबिक, यह फैसला छात्रों को ज्यादा समय देने और पोर्टल पर सामने आई तकनीकी समस्याओं को देखते हुए लिया है।
CBSE ने 2 जून को पोस्ट-रिजल्ट दिक्कतों के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया था। इसके बाद कई छात्रों ने आंसर शीट देखने और वेरिफिकेशन, री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने के दौरान कई दिक्कत आने की शिकायत की थी।
दूसरी तरफ बोर्ड ने पोर्टल पर साइबर हमलों के मामले में FIR दर्ज कराई है। दिल्ली पुलिस ने मामले जांच शुरू कर दी है। बोर्ड के अनुसार, 2 जून से शुरू हुए पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल पर पिछले तीन दिन में लगातार साइबर हमले किए गए, जिन्हें समय रहते रोक दिया गया।
बोर्ड के अनुसार अब तक किसी भी तरह के डेटा लीक या अनधिकृत एक्सेस का कोई मामला सामने नहीं आया है। साइबर हमलों से निपटने के लिए IIT कानपुर, IIT मद्रास, डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन, I4C, CERT-In और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की साइबर सुरक्षा टीमों ने मदद की।

रिजल्ट के बाद से विवादों में CBSE, 5 घटनाक्रम
1. OSM सिस्टम की शुरुआत: CBSE ने 2026 की 12वीं बोर्ड परीक्षा से पहली बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया। इसके तहत स्टूडेंट्स की कॉपी को स्कैन करके डिजिटल रूप से जांचा गया। बोर्ड का दावा था कि इससे मूल्यांकन ज्यादा पारदर्शी और सटीक होगा।
2. 13 मई 2026 को रिजल्ट जारी: 13 मई 2026 को CBSE ने 12वीं का रिजल्ट घोषित किया। इस बार पास प्रतिशत 85.20% रहा, जो 2025 के 88.39% की तुलना में 3.19 प्रतिशत अंक कम था। रिजल्ट आते ही कई छात्रों ने अपेक्षा से कम अंक मिलने की शिकायतें शुरू कर दीं।
3. छात्रों ने उठाए सवाल: रिजल्ट के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों ने आरोप लगाया कि OSM सिस्टम में तकनीकी खामियां थीं। कुछ छात्रों ने दावा किया कि उनकी स्कैन की गई कॉपियां धुंधली थीं, कुछ उत्तरों की जांच नहीं हुई और कई मामलों में अंक उम्मीद से काफी कम मिले।
4. स्टूडेंट वेदांत से दावे से विवाद बढ़ा: दिल्ली के छात्र वेदांत श्रीवास्तव ने दावा किया कि री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में उसे अपनी फिजिक्स कॉपी की जगह किसी दूसरे छात्र की कॉपी भेज दी गई। मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। CBSE ने गलती मानते हुए सही कॉपी उपलब्ध कराई और अंक दोबारा जांचने का आश्वासन दिया। घटना ने OSM सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए।
5. CBSE चेयरमैन हटे, जांच और री-इवैल्यूएशन शुरू: विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने CBSE चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया। साथ ही OSM से जुड़ी खरीद प्रक्रिया और तकनीकी खामियों की जांच के आदेश दिए।



