CAU का ‘मीडियम पेसर टैलेंट हंट’ कल से: देहरादून-हरिद्वार समेत 7 जिलों में ट्रायल, एंट्री बिल्कुल फ्री – Dehradun News
उत्तराखंड के युवा तेज गेंदबाजों को तराशने के लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) की बड़ी मुहिम अब गढ़वाल मंडल में कदम रखने जा रही है। कुमाऊं जोन में मिली शानदार प्रतिक्रिया और सफल आयोजन के बाद, कल यानी 2 जून से गढ़वाल मंडल के सभी जिलों में ‘मीड
.
गढ़वाल जोन का शेड्यूल, कहां और कब होंगे ट्रायल
चयनकर्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता के लिए CAU ने गढ़वाल मंडल के विभिन्न स्थानों पर तारीखें तय की हैं। देहरादून और हरिद्वार को छोड़कर बाकी सभी केंद्रों पर ट्रायल सिर्फ कल 2 जून को ही आयोजित किए जाएंगे।
| क्र.सं. | जिला / स्थान (District Name) | ट्रायल की तारीख (Talent Hunt Dates) |
| 1. | देहरादून (SGRR बिंदाल ब्रांच, ब्लॉक-बी) | 02 जून से 03 जून |
| 2. | हरिद्वार | 02 जून से 03 जून |
| 3. | श्रीनगर (पौड़ी) | 02 जून |
| 4. | कोटद्वार (पौड़ी) | 02 जून |
| 5. | पुरोला (उत्तरकाशी) | 02 जून |
| 6. | मनेरा (उत्तरकाशी) | 02 जून |
| 7. | रुद्रप्रयाग | 02 जून |
| 8. | चमोली | 02 जून |
| 9. | टिहरी | 02 जून |
CAU सचिव बोलीं- उत्तराखंड को देंगे नया स्पीड स्टार
इस बड़े आयोजन और गढ़वाल जोन की शुरुआत पर बात करते हुए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की सचिव किरण रौतेला वर्मा ने कहा कि कुमाऊं जोन में दो दिनों के भीतर हमने जो प्रतिभा और रफ्तार देखी है, वह वाकई अद्भुत थी। हमारे पास राज्य के कोने-कोने में अविश्वसनीय टैलेंट छिपा हुआ है, बस जरूरत उन्हें एक सही मंच देने की है। सीएयू इस टैलेंट हंट के जरिए उसी कमी को पूरा कर रहा है। अब गढ़वाल डिवीजन की बारी है। हमारी चयन समिति और कोचों की नजरें हर एक गेंद पर होंगी। हम अंडर-19 से लेकर सीनियर स्तर तक के उन गेंदबाजों को तलाश रहे हैं जो आने वाले समय में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश-दुनिया में उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकें। मेरी सभी प्रतिभावान तेज गेंदबाजों से अपील है कि वे खुलकर अपनी गति का प्रदर्शन करें।”
रफ्तार की जंग, सपनों की उड़ान
कुमाऊं जोन के ट्रायल्स के दौरान मैदान पर युवाओं का गजब का जज्बा देखने को मिला था। हर एक रन-अप में उत्तराखंड की जर्सी पहनने का सपना और हर एक डिलीवरी में बल्लेबाजों को छकाने की भूख साफ नजर आ रही थी। सीएयू के इस प्रयास से राज्य के उन दूर-दराज के खिलाड़ियों को भी सीधा मौका मिल रहा है, जिन्हें बुनियादी सुविधाएं या सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाता।

