पठानकोट मेयर के भतीजे पर दहेज प्रताड़ना का केस ,पत्नी ने लगाया – Amritsar News
भास्कर न्यूज | अमृतसर सिटी के एनआरआई पुलिस थाने में पठानकोट के मेयर पन्ना लाल भाटिया के परिवार से जुड़ा एक बड़ा और हाई-प्रोफाइल मामला दर्ज हुआ है। ऑस्ट्रेलिया में रह रही अमृतसर की बेटी पलक महाजन की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति आकाश भाटिया (पठानकोट के मेयर के सगे भतीजे), ससुर अश्वनी भाटिया और सास अनु भाटिया के खिलाफ दहेज प्रताड़ना के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता पलक महाजन निवासी ग्रीन एवेन्यू, अमृतसर, हाल निवासी मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 14 दिसंबर 2022 को उसकी शादी हुई थी। शादी के बाद उनके माता-पिता ने उसे और उसके पति आकाश को ऑस्ट्रेलिया भेजा था। लेकिन ऑस्ट्रेलिया पहुंचते ही आकाश और उसके माता-पिता के तेवर पूरी तरह बदल गए। शिकायत के मुताबिक, ससुराल वालों ने मांग रख दी कि आकाश को ऑस्ट्रेलिया में सेटल करने और पठानकोट में एक नया बड़ा मकान बनाने के लिए पलक के परिवार को 50 लाख रुपए नकए और देने होंगे। जब उनके परिवार ने असमर्थता जताई, तो आकाश ने ऑस्ट्रेलिया में पलक को बुरी तरह प्रताड़ित करना शुरू कर दिया, जिसके बाद उनके पिता ने कर्ज लेकर ऑस्ट्रेलिया में 40 हजार ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जमीन की रजिस्ट्री के नाम पर 20 हजार ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और भेजे। पलक ने पुलिस को बताया कि उनका पति आकाश भाटिया शारीरिक रूप से कमजोर (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) था, लेकिन वह अपनी इस कमजोरी और बीमारी का गुस्सा उस पर निकालता था। वह उसे बदसूरत कहकर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। इतना ही नहीं, वह ऑस्ट्रेलिया में पलक की पूरी कमाई एक जॉइंट अकाउंट में रख लेता था और उन्हें बुनियादी जरूरतों के पैसों के लिए भी तरसाता था। पलक ने आरोप लगाया कि साल 2024 की शुरुआत में जब उनकी सास अनु भाटिया मेलबर्न आई, तो उन्होंने भी पलक को परिवार की दूसरी बहुओं से कमतर बताकर मानसिक रूप से बहुत परेशान किया। इस लगातार बढ़ते उत्पीड़न और जुल्मों के कारण पलक गंभीर डिप्रेशन और एंग्जायटी का शिकार हो गईं, और आरोपियों ने उन्हें आत्महत्या तक के लिए उकसाने की कोशिश की। जब जुल्म बर्दाश्त से बाहर हो गए, तो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया से ही पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारियों को ऑनलाइन शिकायत भेजी। पुलिस मुख्यालय के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजीपी एनआरआई विंग), मोहाली की मंजूरी और कानूनी राय मिलने के बाद अमृतसर के एनआरआई थाने में यह केस दर्ज किया गया है। मामले की अगली जांच एएसआई प्रभजीत सिंह को सौंपी गई है।
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