अबोहर में नहर में डूबे छात्र का शव बरामद: दोस्तों के साथ नहाने गया था, तेज बहाव में बहा, दो दिन बाद माइनर के पास फंसा मिला – Abohar News
हनुमानगढ़ रोड से गुजरती नहर में नहाते समय तेज बहाव की चपेट में आए 12वीं कक्षा के छात्र रोहित (17) का शव घटना के दो दिन बाद गुरुवार तड़के बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही छात्र के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जो पिछले दो दिनों से लगातार उसकी तलाश में जुटे थे। जानकारी के अनुसार, दयाल नगरी का रहने वाला 17 वर्षीय रोहित पुत्र इकबाल बीते मंगलवार को अपने दोस्तों के साथ हनुमानगढ़ रोड स्थित नहर पर नहाने के लिए गया था। बरसात के सीजन के कारण नहर का बहाव बेहद तेज था, जिसे रोहित भांप नहीं सका और पानी के तेज करंट में बह गया।
उसके दोस्तों ने उसे बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन पानी की रफ्तार के आगे वे बेबस नजर आए। घटना के बाद से ही परिजन, स्थानीय लोग और विभिन्न समाजसेवी संस्थाएं लगातार नहर के किनारों पर उसकी खोजबीन कर रही थीं। मलूकपुरा माइनर में फंसा मिला शव, समाजसेवी संस्था ने निकाला बाहर गुरुवार सुबह करीब 4 बजे ‘नर सेवा नारायण सेवा समिति’ को सूचना मिली कि मलूकपुरा माइनर में एक युवक का शव पानी में फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही समिति के सेवादार बिट्टू नरूला, मोनू ग्रोवर और राधेश्याम तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने भारी मशक्कत के बाद शव को नहर के तेज बहाव से बाहर निकाला। समिति के सदस्यों ने तुरंत इसकी जानकारी 112 पुलिस कंट्रोल रूम और मृतक के परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे बदहवास परिजनों ने शव की शिनाख्त रोहित के रूप में की। शव मिलने की सूचना पर थाना नंबर-2 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया गया है, जहां से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा। प्रशासन की अपील: बरसाती मौसम में नहरों से दूरी बनाएं इस हादसे ने एक बार फिर प्रशासनिक चेतावनियों की अनदेखी के खतरों को उजागर किया है। बरसात के मौसम में पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के कारण नहरों का जलस्तर और बहाव काफी बढ़ जाता है। प्रशासन समय-समय पर लोगों, विशेषकर युवाओं से नहरों और नदियों में नहाने से बचने की अपील करता रहा है। इसके बावजूद लापरवाही के चलते युवा पानी में उतर जाते हैं, जो अंततः ऐसे जानलेवा हादसों का कारण बनता है।
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