अमृतसर में मजीठिया से जुड़े FIR-91 मामले में सुनवाई पूरी: दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा – Amritsar News

अमृतसर में मजीठिया से जुड़े FIR-91 मामले में सुनवाई पूरी:  दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा – Amritsar News




अमृतसर में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़े FIR नंबर 91 मामले में शुक्रवार को अदालत में सुनवाई पूरी हो गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। मजीठिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरशदीप सिंह क्लेर और अधिवक्ता दमनबीर सिंह सोबती ने पैरवी की। सुनवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए अधिवक्ता अरशदीप सिंह क्लेर ने दावा किया कि FIR नंबर 91 पूरी तरह से राजनीतिक उद्देश्यों से दर्ज की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी नगर परिषद और नगर निगम चुनावों को देखते हुए विपक्षी नेताओं और उनके समर्थकों को निशाना बनाया जा रहा है। वकील क्लेर बोले- मजीठिया को नामजद करना कानूनी रूप से उचित नहीं क्लेर ने कहा कि इस मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया को नामजद करना कानूनी रूप से उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि इसी मामले से जुड़े जोबनजीत को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पहले ही अवैध हिरासत के आधार पर रिहा कर दिया था। क्लेर के अनुसार, किसी व्यक्ति को अवैध हिरासत में रखे जाने पर उसके समर्थन में आवाज उठाना और परिवार के साथ खड़े होना किसी भी जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है। अधिवक्ता क्लेर ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित थाना प्रभारी (एसएचओ) ने जोबनजीत को थाने के लॉकअप में रखने के बजाय अपने निजी कमरे में रखा, जो कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है। क्लेर ने दावा किया कि मजीठा नगर परिषद के कुछ निर्वाचित अकाली पार्षदों को भी इस FIR में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे अपने मतदान के अधिकार का उपयोग न कर सकें। पुलिस नहीं दे सकी संतोषजनक उत्तर उनके अनुसार, यह कार्रवाई राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से की जा रही है। बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष अपने सभी तथ्य और कानूनी दलीलें प्रस्तुत कीं। क्लेर ने बताया कि सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस पक्ष से कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे, जिनके संतोषजनक उत्तर नहीं दिए जा सके। इसके बाद अदालत ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। क्लेर ने यह भी कहा कि पुलिस गंभीर आरोप तो लगा रही है, लेकिन घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस के दावे सही हैं तो संबंधित साक्ष्य अदालत में पेश किए जाने चाहिए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *