रसूलपुर नहर का किनारा 25 फीट तक टूटा: खेतों और गांवों के बाद हाईवे तक पहुंचा पानी, धान की पौध के खराब होने का खतरा – tarn-taran News

रसूलपुर नहर का किनारा 25 फीट तक टूटा:  खेतों और गांवों के बाद हाईवे तक पहुंचा पानी, धान की पौध के खराब होने का खतरा – tarn-taran News




तरनतारन-बठिंडा नेशनल हाईवे पर स्थित गांव रसूलपुर के पास एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ एक नहर का किनारा अचानक लगभग 25 फीट तक टूट गया। नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण पानी बड़ी तेजी से आस-पास के खेतों, रिहायशी इलाकों और नेशनल हाईवे की तरफ बढ़ रहा है। इस अचानक आई बाढ़ जैसी स्थिति से आसपास के कई गांवों में भारी चिंता और दहशत का माहौल है। नहर के टूटने से अब तक करीब 30 एकड़ कृषि भूमि में लगी धान की पंजीरी (पौध) पूरी तरह पानी में डूब चुकी है। इस जलभराव के कारण, रसूलपुर, अलादीनपुर, चौताला, पिद्दी, खेतों में कई-कई फीट पानी भर जाने से किसानों की रातों की नींद उड़ गई है और उन्हें अपनी मेहनत बर्बाद होने का डर सता रहा है। फिलहाल, प्रभावित इलाकों के लोगों की सांसें अटकी हुई हैं और प्रशासन व ग्रामीणों की संयुक्त टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रशासन से पहले मोर्चे पर डटे ग्रामीण स्थिति बिगड़ती देख गांव रसूलपुर और आसपास के इलाकों के ग्रामीण, सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि तुरंत भारी संख्या में मौके पर पहुंच गए। नहरी विभाग के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण ग्रामीणों ने खुद ही कमान संभाली और मिट्टी की बोरियां व अन्य साधनों की मदद से नहर के टूटे किनारे को पाटने (जोड़ने) के प्रयासों में जुट गए। नहरी विभाग पर लापरवाही का आरोप, लाखों के नुकसान की चेतावनी एकत्रित हुए ग्रामीणों ने नहरी विभाग पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभाग समय रहते नहरों के किनारों की मजबूती पर ध्यान नहीं देता, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस कटाव को तुरंत नहीं रोका गया, तो शाम तक 70 से 100 एकड़ तक खड़ी फसल जलमग्न हो जाएगी, जिससे गरीब किसानों को लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। शाम तक स्थिति पर काबू पाने का दावा इस पूरे मामले को लेकर जब नहरी विभाग के एक्सियन (XEN) दिलप्रीत सिंह से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई थीं। उन्होंने दावा किया कि नहर के टूटे हुए हिस्से को बंद करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है और विभाग को पूरी उम्मीद है कि शाम तक पानी के बहाव को रोककर स्थिति पर पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *