जालंधर में बिजली कर्मचारियों का धरना: पंजाब सरकार मुर्दाबाद के लगे नारे, बकाया DA मांगा; CM को बेअदबी-VIP कल्चर पर घेरा – Jalandhar News
जालंधर के पावरकॉम दफ्तर में सोमवार को टेक्निकल सर्विसेज यूनियन पीएसईबी (PSEB) एम्प्लाइज फेडरेशन और भारतीय मजदूर संघ ने गेट रैली निकाल धरना दिया। इस दौरान बकाया डीए और अन्य मांगों को लेकर पंजाब सरकार से मांग की गई और सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। कर्मचारियों ने बिजली मंत्री के नाम एक मांग पत्र चीफ इंजीनियर ज़ोन जालंधर को सौंपा। इसमें पहले से मानी गई मांगों को लागू करना, कर्मचारियों से की जा रही रिकवरी-पैसों की कटौती को तुरंत बंद करना, तबादलों पर रोक, महंगाई भत्ता (DA) का बकाया, न्यूनतम वेतन 12,600 रुपए ग्रेड पे लागू करना, प्रोवेशन पीरियड के दौरान पूरा वेतन देने की मांग की गई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि 24 जून 2026 को बिजली मंत्री के शहर में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। डायरेक्टरों के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा और इस संघर्ष को और तीखा किया जाएगा। इस रैली में बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारियों ने भाग लिया। रैली को प्रधान रणजीत सिंह, सचिव गुरप्रीत सिंह, जगतार सिंह, परमजीत सिंह, प्रदीप कुमार, अशोक कुमार, राजेश कुमार, दिनेश कुमार, हरपाल सिंह, विजय शर्मा आदि नेताओं ने संबोधित किया। सीनियर मीत प्रधान बोले-मैनेजमेंट ने टेबल टॉक की बातें नहीं मानी
सीनियर मीत प्रधान दलबीर सिंह जौहल ने कहा कि आज का जो हम धरना दे रहे हैं, वह इसलिए है क्योंकि पिछले समय में हमने अपनी मांगों को लेकर मैनेजमेंट को मांग पत्र दिया था। उसके बाद हमारे साथ जो टेबल टॉक हुई और उसमें मैनेजमेंट ने हमारी मांगों के प्रति जो कमिटमेंट जताई थी, उसके मिनट्स हमें नहीं दिए गए। हम छठे वेतन आयोग की मांग कर रहे हैं और सातवां स्केल हम पर थोपा जा रहा है। इसके बावजूद, 1/7/2021 से हमारे सर्कुलर 24/21 के मुताबिक जो 35,400 रुपए वाला संशोधन बनता था, उस पर भी टेबल टॉक में हमारे साथ कमिटमेंट की गई थी। कहने का भाव यह है कि हमारी मांगों को लेकर जो सहमति बनी थी, जारी किए गए मिनट्स उसके बिल्कुल उलट हैं। 24 को मंत्री की कोठी का करेंगे घेराव
इसीलिए हम 15 तारीख से लेकर 22 तारीख तक पूरे पंजाब के सर्कलों में धरने दे रहे हैं। अगर फिर भी हमारी कोई बात नहीं मानी गई, तो हम आगामी 24 तारीख को खन्ना में बिजली मंत्री के आवास के सामने एक विशाल धरना देकर अपना रोष प्रदर्शन करेंगे और जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जातीं, हम पीछे नहीं हटेंगे। हमारा कुल 60% डीए बनता है, लेकिन हमें सिर्फ 42% दिया जा रहा है। हमारा 18% डीए बकाया है। जब से यह आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, इन्होंने कर्मचारियों को डीए की एक भी किस्त जारी नहीं की है। जबकि डीए सभी कर्मचारियों की रीढ़ है और यह उनका हक है। अपना हक लेने के लिए आज सभी पब्लिक सेक्टर के कर्मचारी सड़कों पर आ गए हैं और भटक रहे हैं। जब यह सरकार बनी थी, तो कहते थे कि हरा पेन चलेगा, वीआईपी कल्चर खत्म करेंगे, किसी भी कर्मचारी को धरना नहीं देना पड़ेगा लेकिन आज हर वर्ग सड़कों पर रो रहा है, धरने-प्रदर्शन कर रहा है और सरकार उन्हें लाठियों से पीट रही है। जानें कर्मचारियों ने क्या मुद्दे उठाए..
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