सरकारी खरीद नहीं होने से किसानों को नहीं मिल रहा मक्की-मंूंग की दाल का उचित मूल्य – Amritsar News
भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब सरकार द्वारा मूंग और मक्की की खरीद करने से मुकर जाने के चलते किसानों को अपनी फसलें व्यापारियों को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। नतीजतन किसानों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित एमएसपी से कई गुणा कम मूल्य पर व्यापारियों को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मंडियों में सरकारी खरीद नहीं होने के चलते व्यापारी मंूग व मक्की का मूल्य अपनी शर्तों के अनुसार ही तय कर रहे हैं। इस बार 86 हजार हेक्टेयर में मक्की की बिजाई की गई है, जबकि कुल पैदावार 3.85 लाख टन होने की संभावना है फिलहाल 2 लाख टन फसल मंडियों में पहुंच चुकी है। इसी तरह मंूगी व अन्य दालों की 42 हजार हेक्टेयर में बिजाई की गई है जबकि पैदावार 2.15 लाख टन मंडियों में आ चुकी है। एमएसपी 8788 रुपए प्रति किवंटल निर्धारित है मगर किसानों को एमएसपी से कई गुणा कम दामों करीब 3500-7600 रुपए प्रति किवंटल के बीच फसल व्यापारियों को बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। यही कारण है कि किसानों को मक्की, दाल, आलू व अन्य विकल्प फसलों की पैदावार करने में रुचि नहीं रह गई है। इसी तरह, मक्की पर एमएसपी मूल्य 2300 रुपए है, लेकिन किसानों को 1900 रुपए प्रति किवंटल तक बेचने पर मजबूर हैं। गल्ला आढ़ती भगतांवाला अनाज मंडी एसो. के प्रधान अमनदीप सिंह छीना व पंजाब अनाज मंडी मजदूर यूनियन के प्रदेश प्रधान राकेश तुली ने बताया कि मक्की की फसल की गुणवत्ता में गिरावट के चलते ही किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसान नेता डॉ. सतनाम सिंह अजनाला, रजिंदर सिंह और रघुबीर सिंह ने कहा कि सरकार ने व्यापारियों को किसानों की लूट-खसूट करने की खुली छूट दे रखी है। सरकारी खरीद न होने का असर सिर्फ किसानों पर ही नहीं, बल्कि सरकार पर भी पड़ता है। भगतांवाला मंडी में मक्की का अंबार
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