थाने में महिला हवालात, बाथरूम और साफ पानी का भी प्रबंध नहीं – Amritsar News
भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब राज्य और चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह शंटी ने शुक्रवार को सुल्तानविंड थाने की अचानक चेकिंग की। इस दौरान थाने में कई बुनियादी कमियां मिलीं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को 15 दिन के भीतर सभी कमियां दूर कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस कमिश्नर से शहर के सभी थानों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा। चेकिंग के दौरान सामने आया कि थाने में महिलाओं के लिए अलग हवालात नहीं है। महिला कर्मचारियों और लोगों के लिए अलग बाथरूम की व्यवस्था भी नहीं मिली। पीने के लिए आरओ का पानी भी उपलब्ध नहीं था। शंटी ने कहा कि जब पुलिसकर्मियों को ही बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलेंगी तो बेहतर तरीके से ड्यूटी करना मुश्किल होगा। उन्होंने थाने में आने वाले लोगों के बैठने की व्यवस्था करने और मुंशी को हमेशा वर्दी में ड्यूटी करने के भी निर्देश दिए। थाने के पीछे 300 से 400 जब्त मोटरसाइकिलें और कबाड़ खड़ा मिला। इस पर उन्होंने कहा कि थानों को कबाड़खाना नहीं बनने देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक जब्त वाहनों का जल्द निपटारा किया जाए और जरूरत के अनुसार उन्हें जंकयार्ड भेजा जाए। उन्होंने हवालात भी देखी। वहां एनडीपीएस एक्ट का एक आरोपी रिमांड पर मिला, जिसके दस्तावेज सही पाए गए। दो अन्य युवकों से पुलिस पूछताछ कर रही थी और उनकी जांच चल रही थी। शहर में डंपर और ट्रकों से बढ़ रहे सड़क हादसों पर भी उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए कि नो-एंट्री के समय शहर में आने वाले भारी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। नियम तोड़ने वाले वाहनों को जब्त किया जाए ताकि हादसों पर रोक लग सके। स्टाफ की कमी और वीआईपी ड्यूटी के सवाल पर शंटी ने कहा कि सुल्तानविंड थाने में करीब 40 कर्मचारियों का स्टाफ है, जो थाने के हिसाब से पर्याप्त है। अमृतसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और वीआईपी आते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा करना भी पुलिस की जिम्मेदारी का हिस्सा है।
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