भाषा विभाग के डायरेक्टर का अफसरों पर निशाना: पंजाबी का भोग डालने में जुटे अफसर, फंड नहीं दे रहे, 70 किताबों का प्रकाशन अटका – Ludhiana News
पंजाब के भाषा विभाग और राज्य की नौकरशाही के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। भाषा विभाग पंजाब के डायरेक्टर और जाने-माने साहित्यकार जसवंत सिंह जफर ने अपनी ही सरकार के आला अफसरों पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। जफर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट जारी करके अफसरों के खिलाफ भड़ास निकाली है। जफर ने साफ लिखा है कि चंडीगढ़ में बैठे कुछ बड़े अफसरों की एक लॉबी पंजाब के गौरवशाली ‘भाषा विभाग’ का भोग डालने पर उतारू है। डायरेक्टर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अफसर भाषा विभाग का जानबूझकर बजट रोक रहे हैं। बजट न होने से 70 महत्वपूर्ण किताबों का प्रकाशन लटका बजट न होने के कारण विभाग की करीब 70 महत्वपूर्ण किताबों का प्रकाशन पूरी तरह अटक गया है। इस खुलासे के बाद पंजाब के प्रशासनिक और साहित्यिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। भाषा विभाग के प्रमुख जसवंत सिंह जफर का कहना है कि उन्हें एक सीनियर अफसर से पता चला है कि अफसरों का एक धड़ा भाषा विभाग पंजाब के अस्तित्व को मिटाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। जफर ने कहा कि उन्हें यह सब जानकर कोई हैरानी नहीं हुई है, क्योंकि पिछले कई महीनों से ऐसे हालात पैदा किए जा रहे थे जिससे साफ संकेत मिल रहे थे कि पर्दे के पीछे विभाग को बंद करने की साजिश रची जा रही है। जसवंत जफर ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखी ये पांच बतों जसवंत जफर से क्यों चिढ़ी हुई है नौकरशाही, जानिए..
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