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  • Kharif Season: District Agricultural Data Shows A Changing Trend In Crop Cultivation, With Basmati Cultivation Declining But Yields Increasing.

भास्कर न्यूज | अमृतसर जिले में खरीफ सीजन 2026-27 के कृषि आंकड़े फसलों की खेती के बदलते रुझान की तस्वीर पेश कर रहे हैं। इस बार जहां धान का रकबा बढ़ा है वहीं बासमती की खेती का क्षेत्र लगातार दूसरे वर्ष कम हुआ है। कृषि विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सी

आंकड़ों के अनुसार सीजन 2025-26 में जिले में धान का रकबा 54,864 हेक्टेयर था, जो इस बार 55,700 हेक्टेयर हो गया है। अर्थात धान की खेती के क्षेत्र में 836 हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा प्रति हेक्टेयर औसत पैदावार भी 7,125 किलोग्राम से 7,481 किलोग्राम दर्ज की गई है। महकमा ने धान का कुल उत्पादन 4,15,691 मीट्रिक टन रहने का अनुमान लगाया है, जबकि पिछले सीजन में यह 3,90,906 मीट्रिक टन था।

बासमती की खेती के आंकड़े अलग तस्वीर दिखा रहे हैं। वर्ष 2024-25 में जिले में बासमती का रकबा 1,44,738 हेक्टेयर था, जो 2025-26 में घटकर 1,27,973 हेक्टेयर रह गया था। अब 2026-27 में यह और घटकर 1,25,300 हेक्टेयर दर्ज किया गया है। यानी पिछले सीजन के मुकाबले 2,673 हेक्टेयर और साल 2024-25 के मुकाबले कुल 19,438 हेक्टेयर क्षेत्र कम हुआ है। हालांकि बासमती की औसत पैदावार में वृद्धि दर्ज की गई है।

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साल 2025-26 में प्रति हेक्टेयर औसत पैदावार 4,589 किलोग्राम थी, जो इस बार बढ़कर 5,392 किलोग्राम हो गई है। इसी आधार पर महकमा ने बासमती का कुल उत्पादन पिछले वर्ष के 5,87,268 मीट्रिक टन के मुकाबले इस बार 6,75,617 मीट्रिक टन रहने का अनुमान लगाया है। इस प्रकार बासमती का रकबा घटने और कुल अनुमानित उत्पादन बढ़ने की स्थिति सामने आई है। महकमा की चार वर्ष की रिपोर्ट पर नजर डालें तो 2023-24 में धान का रकबा 72,943 हेक्टेयर और बासमती का 1,08,052 हेक्टेयर था।

2024-25 में धान का रकबा घटकर 37,541 हेक्टेयर रह गया, जबकि बासमती बढ़कर 1,44,738 हेक्टेयर तक पहुंच गई। इसके बाद 2025-26 में धान का रकबा 54,864 हेक्टेयर और बासमती का 1,27,973 हेक्टेयर रहा। अब 2026-27 में धान 55,700 और बासमती 1,25,300 हेक्टेयर दर्ज की गई है। वहीं दूसरी तरफ जिले की मंडियों में धान की सरकारी खरीद भी तेजी से जारी है।

जिला खाद्य और आपूर्ति विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अब तक मंडियों में 3,44,733 मीट्रिक टन धान की आमद हुई है। इसमें से सरकारी एजेंसियों ने 3,44,605 मीट्रिक टन की खरीद कर ली है। यानी कुल आमद का करीब 99.96 प्रतिशत धान खरीदा जा चुका है। खरीद के मामले में पनग्रेन ने 1,68,438 मीट्रिक टन, मार्कफेड ने 87,095 मीट्रिक टन, पनसप ने 53,039 मीट्रिक टन और पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 36,033 मीट्रिक टन धान की खरीद की है।

वहीं कुल 2,90,313 मीट्रिक टन धान की लिफ्टिंग हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक कृषकों को भुगतान की हालत 92.79 प्रतिशत की जा चुकी है। सरकार की ओर से जिले की लगभग 32 मंडियों में धान की सरकारी खरीद शुरू की गई थी, जो अब करीब बंद होने वाली है। अब तक कुल आवक का 99.96 प्रतिशत धान खरीदा जा चुका है। फिलहाल केवल अजनाला और भगतांवाला दाना मंडी में ही खरीद जारी है।

बाकी मंडियों में खरीद बंद हो चुकी है। भगतांवाला मंडी जिले की मुख्य मंडियों में शामिल है, जबकि अजनाला मंडी को इलाका में धान की कटाई देरी से होने की वजह से खुला रखा गया है। दरअसल, साल 2025 में अजनाला क्षेत्र में भीषण बाढ़ आई थी, जिसके पश्चात गांवों को सामान्य हालत में लौटने में समय लगा।

इस कारण कृषकों ने धान की बिजाई भी देरी से की और फसल देर से पककर तैयार हुई। इसी को देखते हुए अन्नदाताओं की सुविधा हेतु अजनाला मंडी में खरीद जारी रखी गई है, ताकि इलाका के कृषकों को अपनी फसल बेचने हेतु दूर की मंडियों में न जाना पड़े।

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