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- USA Midterm Election: Jyot Singh & Pooja Sethi Make History | Punjabi Win
अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में पंजाबी मूल के नेताओं ने शानदार प्रदर्शन किया। 3 नवंबर को हुए इन चुनावों में संसद से लेकर राज्यों की विधानसभाओं तक पंजाबी उम्मीदवारों ने बड़ी कामयाबी हासिल की।
जहां रो खन्ना, मानका ढींगरा, रणजीव पुरी और अश कालरा जैसे बड़े नेताओं ने फिर से चुनाव जीतकर अपनी सीटें बचाए रखीं, वहीं ज्योत सिंह और पूजा सेठी जैसे नवीन चेहरों ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
ज्योत सिंह जॉर्जिया की असेंबली में पहुंचने वाले पहले सिख और भारतीय-अमेरिकी बने हैं, जबकि पूजा सेठी ने टेक्सस में पहली भारतीय-अमेरिकी महिला विधायक बनकर इतिहास रचा है।
ये सभी विजेता नेता डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े हैं। यह नतीजे अमेरिका की राजनीति में पंजाबी और भारतीय समुदाय के बढ़ते प्रभाव को साफ दिखाते हैं।
अमेरिका में मिड टर्म निर्वाचन जीते पंजाबियों के बारे में जानिए:
रो खन्ना — डेमोक्रेटिक पार्टी: कैलिफोर्निया के 17वें कॉग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी संसद हेतु फिर से चुने गए हैं। इन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार रितेश टंडन को हराकर करीब 71% वोट हासिल किए। फिलाडेल्फिया में पंजाबी आप्रवासी परिवार में जन्मे रो खन्ना पेशे से वकील और अर्थशास्त्री हैं। ओबामा सरकार के समय वे अमेरिका के वाणिज्य विभाग में उप सहायक सचिव रह चुके हैं और 2020 में बर्नी सैंडर्स के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के सह-अध्यक्ष भी थे।
मानका ढींगरा — डेमोक्रेटिक पार्टी: वाशिंगटन राज्य सीनेट के 45वें जिले से दोबारा सीनेटर चुनी गई हैं। वे सीनेट में डिप्टी मेजॉरिटी लीडर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। पेशे से वकील हैं और अमेरिका में सरकारी वकील रह चुकी हैं। मानका पहली बार 2017 में विशेष निर्वाचन जीतकर सीनेट पहुंची थीं। इन्होंने मुख्य रूप से कानून व्यवस्था के सुधार, घरेलू हिंसा रोकने और मानसिक स्वास्थ्य नीतियों पर काम किया है।
ज्योत सिंह — डेमोक्रेटिक पार्टी: जॉर्जिया प्रदेश के हाउस डिस्ट्रिक्ट 97 से रिपब्लिकन उम्मीदवार यासीन मोगाजी को पछाड़कर 68% वोटों के साथ विजय हासिल की। येल यूनिवर्सिटी से पढ़े सामाजिक कार्यकर्ता और मानवाधिकार मामलों के पैरोकार ज्योत सिंह जॉर्जिया असेंबली हेतु चुने जाने वाले पहले सिख और पहले भारतीय-अमेरिकी बने हैं। एक आम पंजाबी परिवार से आने वाले सिंह ने सरकारी स्कूलों की फंडिंग, परिवारों को आर्थिक मदद और वोटिंग अधिकारों के मुद्दों पर निर्वाचन लड़ा।
रणजीव पुरी — डेमोक्रेटिक पार्टी: मिशिगन प्रदेश के डिस्ट्रिक्ट 24 से 65% से अधिक वोट हासिल कर स्टेट हाउस में अपनी सीट बरकरार रखी। मिशिगन हाउस में माइनॉरिटी लीडर के पद पर तैनात पुरी राज्य स्तर की राजनीति में शीर्ष सिख अमेरिकी नेताओं में शामिल हैं। इन्होंने गन कल्चर पर रोक लगाने और साफ-सुथरी हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के इलाका में काफी काम किया है।
पूजा सेठी— डेमोक्रेटिक पार्टी: टेक्सस के 47वें जिले से लगभग 66% वोट हासिल कर टेक्सस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सीट जीती। इन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार जेनिफर मुश्थलेर को हराया। इमिग्रेशन वकील और टेक्सस विधायिका की पूर्व अधिकारी रहीं पूजा सेठी टेक्सस असेंबली हेतु चुनी जाने वाली पहली भारतीय मूल की महिला बनी हैं। इनका चुनाव प्रचार स्कूलों को आर्थिक मदद, गन सेफ्टी और नस्लभेद के विरोध पर आधारित था।
अश कालड़ा— डेमोक्रेटिक पार्टी: कैलिफोर्निया स्टेट असेंबली के 25वें जिले से रिपब्लिकन उम्मीदवार हिम्मत सिंह बैणीवाल को हराकर करीब 72% वोटों के साथ दोबारा चुने गए। 2016 में पहली बार निर्वाचन जीतने वाले अश कालरा कैलिफोर्निया प्रदेश की असेंबली में कदम रखने वाले पहले भारतीय मूल के नेता थे।
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Source: Dianik Bhaskar







