दीपावली के त्योहार पर अबोहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित खुईयांसरवर ग्राम में सड़क किनारे लगी पटाखों के स्टॉल में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और स्टॉल पर रखे लाखों रुपये के पटाखे तेज धमाकों के साथ जलकर राख हो गए। गनीमत यह रही कि

स्थानीय लोगों की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा लाखों रुपए के पटाखों के धमाके से अफरातफरी व दहशत मच गई। दमकल की गाड़ी के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास आरंभ कर दिया। कड़ी मशक्कत के पश्चात लोगों ने आग पर पूरी प्रकार काबू पा लिया, जिससे आसपास की दुकानों और राहगीरों को भारी नुकसान होने से बचा लिया गया।

प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

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इस घटना के पश्चात जिला प्रशासन और पुलिस महकमा की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े होने लगे हैं। दीपावली के पर्व पर पटाखों की बिक्री और सुरक्षा को लेकर सख्त प्रशासनिक निर्देशों के बाद भी यह प्रश्न उठ रहा है कि सड़क किनारे ऐसी खतरनाक स्टॉल किस नियम के तहत लगाने दी गई थी?

अनुमति और एनओसी की जांच बाकी

यह भी जांच का विषय बना हुआ है कि स्टॉल संचालक के पास पटाखों की बिक्री हेतु आवश्यक प्रशासनिक अनुमति थी या नहीं और वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस पूरे प्रकरण पर कोई आधिकारिक बयान या स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।

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