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- Manjeet Singh Scooter Yatra | Ghanauli To Huzur Sahib Pilgrimage Story
रोपड़ के पास घनौली ग्राम के रहने वाले 70 वर्षीय मंजीत सिंह की आस्था और लगन की अनोखी मिसाल देखने को मिल रही है। मंजीत सिंह पिछले 26 सालों से लगातार अपने 1988 मॉडल के पुराने स्कूटर पर ही श्री हजूर साहिब की धार्मिक यात्रा तय कर रहे हैं। वहां पहुंचकर वे स
वर्ष 2000 में प्रारंभ हुआ था सिलसिला मंजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने पहली बार वर्ष 2000 में अपने स्कूटर से हजूर साहिब तक का सफर शुरू किया था। तब से लेकर आज तक वे हर वर्ष यात्रा पर जाते हैं। कई बार तो उन्हें वर्ष में दो बार भी जाने का मौका मिला है।
10 दिन का सफर, 3200 किलोमीटर की दूरी
आने-जाने की यह यात्रा लगभग 3,200 किलोमीटर लंबी है, जिसे पूरा करने में उन्हें 10 दिन का वक्त लगता है। हजूर साहिब पहुंचकर वे 5 दिनों तक रुकते हैं और अरदास करते हैं।
जानिए उनकी यात्रा के बारे में
- कहां ठहरते हैं: सफर के बीच वे ज्यादातर गुरुद्वारों में विश्राम करते हैं। रास्ते में पड़ने वाले पंजाबी ढाबों के मालिक भी उनका पूरा आदर-सत्कार करते हैं।
- कभी धोखा नहीं दिया स्कूटर ने: मंजीत सिंह का कहना है कि इतने सालों में उनका पुराना स्कूटर रास्ते में कभी खराब नहीं हुआ और यात्रा के बीच उन्हें कोई परेशानी नहीं आई।
- यह है मंजीत सिंह का रूट रोपड़ से शुरू होकर उनका सफर हरियाणा के जींद, राजस्थान के जयपुर, कोटा व झालावाड़, फिर मध्य प्रदेश के उज्जैन, इंदौर, खंडवा, बुरहानपुर और बालापुर होते हुए श्री हजूर साहिब तक पहुंचता है।
युवाओं को दी खास सलाह
मंजीत सिंह ने युवाओं से अपील की है कि वे हमेशा अपने माता-पिता की बात मानें, नशे से दूर रहें, अच्छा खान-पान रखें और अच्छी संगत में रहें।
रोपड़ लौटने पर हुआ स्वागत रोपड़ पहुंचने पर बाबा नरेंद्र सिंह और कुलविंदर सिंह ने मंजीत सिंह को सिरोपा देकर सम्मानित किया। उनके साथियों ने बताया कि मंजीत सिंह बेहद शांत और धार्मिक प्रवृत्ति के इंसान हैं, वे कभी किसी से ऊंची आवाज में बात नहीं करते और न ही झगड़ा करते हैं। हजूर साहिब में माथा टेकने हेतु वे कब रवाना होंगे, इसका पता भी उनके साथियों को पश्चात में ही चलता है।







